– ताजबाग के ऑल इंडिया मुशायरे में शायर व सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने शमां बांधा
नागपुर :- बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह के १०४ वें सालाना उर्स के अवसर पर ताजबाग में हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट के तत्वावधान में ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया गया. इसमें बड़ी संख्या में जायरीन शामिल हुए. मुशायरे में प्रमुख रूप से मशहूर शायर व राज्यसभा सांसद इमरान प्रतागढ़ी सहित शायर हाशिम फ़ीरोज़ाबादी, हामिद भुसावली, आरिफ़ सैफ़ी, मोहन मुन्तज़िर, अफ़ज़ल इलाहाबादी, शबीना अदीब, सबा बलरामपुरी और सरिता जैन ने अपनी रचनाएँ पढ़ी. वरिष्ठ शायर नदीम फरोख ने निजामत की. इस अवसर पर मुख्य रूप से हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट के चेयरमैन प्यारे जिया खान, सचिव ताज अहमद राजा, उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र जिचकार, ट्रस्टी हाजी फ़ारूक बावला, हाजी इमरान खान ताज़ी, गजेंद्रपाल सिंह लोहिया, मुस्तफा टोपीवाला उपस्थित थे. गयासुद्दीन अशरफी ने मंच संचालन किया. मुशायरे में मुख्य आकर्षण रहे मशहूर शायर और सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने अपनी आवाज़ और जज़्बाती कलाम से हज़ारों की तादाद में मौजूद ज़ायरीन और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. बाबा ताजुद्दीन के आस्ताने के इस ऐतिहासिक आयोजन में उन्होंने देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब, सामाजिक एकता और वैश्विक शांति पर कई दिल छू लेने वाले शेर और नज़्में पेश कीं. मुशायरे में उमड़े भारी जनसैलाब के सामने इमरान प्रतापगढ़ी ने जब अपनी मशहूर नज़्म ‘लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी’ के नए मिसरे पढ़े, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. इमरान प्रतागढ़ी ने केवल बातों से सियासत करने वाले राजनेताओं पर शायराना तंज कस्ते हुए कहा की ‘दुनिया थोड़ी जज़बातों से चलती है, मेरे रब की खैरातों से चलती है. अपने यहाँ कुछ ऐसे सियासतदान भी हैं, जिनकी सियासत बस बातों से चलती है’.

इमरान प्रतागढ़ी ने देशप्रेम के जज्बे को शायरी में मिश्रित करते हुए कहा की ‘सदियों तलक आबाद रहा है, सदियों तलक आबाद रहेगा, भारत ज़िंदाबाद रहा है, भारत ज़िंदाबाद रहेगा’ ‘नफ़रत के अंधियारे में हम सब जुगनू बन जाएँगे, हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई एक बाज़ू बन जाएँगे’ ‘मुल्क की मिट्टी जिस दिन फिर से जान की कुर्बानी माँगे, भगत सिंह तुम बन जाना और हम टीपू बन जाएँगे’ इसी तर इमरान प्रतागढ़ी ने मुशायरे में आपरी रचना ‘जंग पर जंग हो, फिर जंग की तैयारी हो, इतनी मोहलत भी नहीं है कि अज़ादारी हो’ ‘कुछ भरोसा ही नहीं है कि कहाँ बम बरसे, बच्चियाँ पढ़ने गईं और वहाँ बम बरसे” पेश की और इस दर्दनाक जुल्म पर चुप रहने वालो को नसीहत देते हुए बच्चियों के परिवारो और उनके अपनों का दर्द ब्यान किया.
… ‘जो खानदानी रईस है वो मिजाज रखते हैं नर्म अपना’
वरिष्ठ शायर शबीना अदीब द्वारा पढ़ी गई रचना ‘जो खानदानी रईस है वो मिजाज रखते हैं नर्म अपना, तुम्हारा लहजा बता रहा है अभी यह दौलत नई नई है’ पर तालियों से मुशायरा गूँज उठा. इसी तरह मुशायरे में शायर हाशिम फ़ीरोज़ाबादी ने अपनी शायरी ‘डिग्री पाकर देश के युवा दर दर क्यू है भटक रहे, ‘हमें बताओ युवा हमारे फांसी पर क्यों लटक रहे’ से सिस्टम की नाकामियों पर साहित्यिक अंदाज में प्रहार किया. इसी तरह शायरा सबा बलरामपुरी ने अपनी रचना ‘ऐसा मुझे लगता है गर्दिश में सितारा है, ‘फहरिस्त में झूटों को एक नाम तुम्हारा है’ ‘तुम आग लगाओगे ल, हम आग बुझाएंगे’ ‘वो काम तुम्हारा था’ ‘यह काम हमारा है’ से प्रेम और सौहार्द्र का सन्देश दिया. वहीं शायरा सरिता जैन ने अपनी रचना ‘मोहब्बत पर हुकूमत है तुम्हारी, ‘मगर सिक्का हमारा चल रहा है’ पेश कर शमां बांधा. इस दौरान शायर हामिद भुसावली, आरिफ़ सैफ़ी, मोहन मुन्तज़िर, अफ़ज़ल इलाहाबादी , ने भी अपनी रचनाओं से महफ़िल में वाहवाही लूटी. 

ताजबाग में शिक्षा के लिए सांसद निधि से 1 करोड़ दूंगा: इमरान प्रतापगढ़ी
मुशायरे के दौरान इमरान प्रतागढ़ी ने कहा की ताजबाग ट्रस्ट बहुत जल्दी एक तालीमी इदारा खड़ा करने जा रहा है. उन्होंने कहा की वे जानते है की ताजबाग ट्रस्ट के पास बजट की कोई कमी नहीं है, अल्लाह ने बहुत दिया है इस ट्रस्ट को. लेकिन वे यहाँ ऐलान करते है की आप जिस दिन यह तालीमी इदारा खड़ा करना शुरू करेंगे, वे अपनी सांसद निधि से ₹1 करोड़ उस तालीमी इदारे के लिए ज़रूर देंगे. शायर व सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने शिक्षा के क्षेत्र में ताजबाग ट्रस्ट को इस बड़े सहयोग की घोषणा की. उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में जब भी नए शैक्षणिक संस्थान की शुरुआत होगी, वे अपनी सांसद निधि से 1 करोड़ की राशि जरूर देंगे. इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि यवतमाल में बन रहे यूपीएससी कोचिंग सेंटर के लिए भी उनके द्वारा 1 करोड़ की राशि दी जा चुकी है, जिसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. प्रतापगढ़ी ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह पूरा क्षेत्र तालीम के लिए बेहतरीन काम कर रहा है ।




