– रेत के अवैध साम्राज्य की जंग ने ली जान; पांच से ज्यादा गाड़ियां फूंकी, तलवारें और गोलियां चलने की भी चर्चा—इलाके में भारी तनाव।
चंद्रपुर/वरोरा :- कहते हैं पानी की अपनी कोई प्यास नहीं होती, लेकिन वर्धा नदी का पानी रविवार की रात इंसान के खून से लाल हो गया। रेत उत्खनन के वर्चस्व को लेकर दो गुटों के बीच ऐसा खूनी संघर्ष हुआ कि एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
रात 10:30 बजे: चीख-पुकार और मौत का सन्नाटा
वरोरा के बामर्डा और हिंगणघाट के वड़नेर इलाके के बीच बहने वाली वर्धा नदी पर रविवार की रात करीब 10:30 बजे मौत का नंगा नाच शुरू हुआ। सीमांकन के मामूली विवाद ने देखते ही देखते भीषण दंगे का रूप ले लिया। लाठियों, पत्थरों और रॉड से लैस दोनों गुट आमने-सामने आ गए। इस भिड़ंत में एक गुट के युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई।

सियासी कनेक्शन? बेटे की मौत से मचा हड़कंप
बाजार में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि मरने वाला युवक वर्धा जिले के पुलगांव के एक नगरसेवक का बेटा है। इतना ही नहीं, यह भी सुगबुगाहट है कि लड़ने वाले दोनों ही गुटों के तार एक बड़े राजनीतिक दल (BJP) के कार्यकर्ताओं से जुड़े हुए हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी इन राजनीतिक दावों की पुष्टि नहीं की है।
दहशत का मंजर: गाड़ियां तोड़ी, तलवारें लहराईं
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हमलावरों ने वहां खड़े 5 से अधिक वाहनों को तहस-नहस कर दिया। पूरे इलाके में ‘गैंगवार’ जैसी स्थिति बन गई थी। चर्चा यह भी है कि इस लड़ाई में खुलेआम तलवारें चलीं और कई राउंड फायरिंग भी हुई, लेकिन पुलिस इस मामले पर अभी चुप्पी साधे हुए है।
“वर्चस्व की लड़ाई में सीमा पार”
वर्धा नदी के इस बेल्ट में रेत माफियाओं के बीच यह विवाद पुराना है, लेकिन रविवार की रात यह विवाद मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर खूनी खेल में तब्दील हो गया.
पुलिस की कार्रवाई: 3 हिरासत में, छावनी में तब्दील इलाका
घटना की खबर मिलते ही वरोरा और वड़नेर पुलिस का भारी अमला मौके पर पहुंचा। पुलिस ने इस मामले में 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इलाके में जबरदस्त तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।
– फाईल फोटो




