– गणेशपेठ डिपो की दैनिक आय में 35 फीसदी उछाल-यात्रियों ने निजी बसों की बजाय चुनी ‘लाल परी’
नागपुर :- महाराष्ट्र परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) ने इस साल दिवाली के त्योहारी मौसम में अपनी कमाई में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है. नागपुर डिवीजन ने 19 से 27 अक्टूबर के बीच 3.5 करोड़ से अधिक का राजस्व अर्जित किया है. अधिकारियों के अनुसार इस अवधि के दौरान 7.65 लाख से अधिक यात्रियों ने एसटी (लाल परी) बसों से यात्रा की. वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिवाली की छुट्टियों के लिए अपने गृहनगर और गांवों की ओर जाने वाले यात्रियों की भीड़ को समायोजित करने के लिए विभिन्न डिपो से विशेष बसें चलाई गई. पिछले त्योहारी रुझानों के आधार पर भंडारा, चंद्रपुर, अमरावती, वर्धा और यवतमाल जैसे लोकप्रिय मार्गों पर अतिरिक्त फेरे शुरू किए गए. इन मागों पर यात्रियों की संख्या 95% से 100 फीसदी के बीच रही और कई बसें पूरी क्षमता से चली।
दिवाली की भीड़ में विभिन्न राज्य यात्रा योजनाओं के लाभार्थियों की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही. महिला सम्मान योजना के तहत महिलाओं ने 50 फीसदी किराये की छूट का लाभ उठाया जिसमें 3.97 लाख महिला यात्रियों ने कुल राजस्व में बड़ा योगदान दिया. इसी तरह 1.32 लाख वरिष्ठ नागरिकों ने आधे किराये के टिकट लिए, जबकि 75 वर्ष से अधिक आयु के 65,704 अमृत बरिष्ठ नागरिकों ने मुफ्त यात्रा की. अधिकारियों ने कहा कि कुल दिवाली कमाई ने पिछले साल के आंकड़ों को पार कर दिया है जो एमएसआरटीसी की सेवाओं में बढ़ते भरोसे और व्यस्त मौसम के दौरान बेहतर संचालन को दर्शाता है. एमएसआरटीसी नागपुर डिवीजन में गणेशपेठ, घाट रोड, उमरेड, काटोल और रामटेक सहित 8 डिपो संचालित होते हैं. इस मजबूत त्योहारी प्रदर्शन ने त्योहारों के दौरान अंतर-जिला और ग्रामीण यात्रा के लिए पसंदीदा साधन के रूप में इसकी स्थिति को और मजबूत किया है.
लोकप्रिय मार्गों पर बसें चलीं फुल क्षमता से
नागपुर डिवीजन के सबसे बड़े डिपो में से एक गणेशपेठ डिपो ने इसी अवधि के दौरान अपनी दैनिक आय में 35 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की । गणेशपेठ डिपो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सामान्य दिनों में हमारा दैनिक राजस्व 10-12 लाख के बीच रहता है. हालांकि दिवाली के दौरान यह कई व्यस्त दिनों में बढ़कर 15 लाख और उससे अधिक हो गया. इस वृद्धि का कहरण यह बताया गया है कि यात्रियों ने किफायती और भरोसेमंद याज के लिए निजी ऑपरेटरों की बजाय एसटी बसों को प्राथमिकता दी. पुणे की भीड़ को संभालने के लिए 3 अतिरिक्त बसे भी लगाई गई जिससे गणेशपेठ डिपी से पुणे जाने वाली बसों की कुल संख्या 5 हो गई।




