– अभिजीत वंजारी को 56,630, सुधाकर कोहले को 60,924 वोट
– अब दूसरी वरीयता के मतों पर टिकी निगाहें
नागपुर :- विधान परिषद के नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में दूसरे दौर के आंकड़ों के अनुसार सुधाकर कोहले 4,294 वोटों से आगे चल रहे हैं। कोहले को अब तक 60,924 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी को 56,630 वोट प्राप्त हुए हैं। वहीं, नितेश कराले को 24,249 मत मिले हैं। मतगणना के अगले चरण में दूसरी वरीयता के मतों की गिनती और उनके नियमानुसार हस्तांतरण से मुकाबले की दिशा तय होने की संभावना है।..
वरीयता के वोट बनेंगे निर्णायक
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदाता उम्मीदवारों को अपनी पसंद के अनुसार वरीयता क्रम देते हैं। इसलिए मतगणना में केवल पहली वरीयता के वोटों के आधार पर अंतिम परिणाम तय नहीं होता। निर्धारित कोटा पूरा नहीं होने की स्थिति में चुनाव नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें पात्र उम्मीदवारों को दूसरी वरीयता के मत हस्तांतरित किए जा सकते हैं।
मतगणना से जुड़े उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सुधाकर कोहले को निर्धारित कोटा पूरा करने के लिए अभी 14,514 वोटों की आवश्यकता बताई गई है। वहीं, अभिजीत वंजारी को कोटा पूरा करने के लिए 18,808 वोटों की जरूरत है। इन आंकड़ों के बीच दूसरी वरीयता के वोटों का महत्व बढ़ गया है।
नितेश कराले के वोटों पर भी नजर
नितेश कराले को मिले 24,249 मत आगे की मतगणना में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। चुनाव नियमों के अनुसार, यदि किसी उम्मीदवार के वोटों के आधार पर मतपत्रों का हस्तांतरण आवश्यक होता है, तो उन मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयता के अनुसार पात्र उम्मीदवारों को वोट दिए जाते हैं। इसलिए कराले को मिले कुल वोटों को सीधे किसी एक उम्मीदवार के खाते में जोड़ना उचित नहीं होगा। मतपत्रों पर दर्ज दूसरी वरीयता और लागू नियमों के अनुसार ही मतों का हस्तांतरण किया जाएगा।
अंतिम परिणाम के लिए इंतजार
दूसरे दौर के आंकड़ों में सुधाकर कोहले और अभिजीत वंजारी के बीच 4,294 वोटों का अंतर दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद, अंतिम परिणाम घोषित करने से पहले मतगणना की निर्धारित प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है। दूसरी वरीयता के मतों का हस्तांतरण, निर्धारित कोटे की पूर्ति और अन्य नियमों के अनुपालन के बाद ही विजेता की स्थिति स्पष्ट होगी।
इसलिए फिलहाल दूसरे दौर के आंकड़ों में कोहले की बढ़त दर्ज है, लेकिन इसे अंतिम जीत नहीं माना जा सकता। मतगणना के अगले चरण और निर्वाचन विभाग की आधिकारिक घोषणा पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
अब तक 21 उम्मीदवार मतगणना से बाहर
नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान कम मत पाने वाले उम्मीदवारों को नियमानुसार बाहर किया जा रहा है। अब तक 21 उम्मीदवार मतगणना प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। इन उम्मीदवारों के मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयता के वोटों की गणना कर नियमानुसार पात्र उम्मीदवारों के मतों में शामिल किया जा रहा है। इससे चुनाव परिणाम की दिशा तय होने में दूसरी वरीयता के मतों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
नागपुर स्नातक चुनाव में 15,106 मत अवैध
विधान परिषद के नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में कुल 1,65,541 वोटों में से 15,106 वोट अवैध घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले के नाम के सामने पहली वरीयता के लिए ‘1’ के बजाय ‘2’ लिखे जाने का मामला भी चर्चा में है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब तीन हजार मतपत्रों पर कोहले के नाम के सामने ‘2’ अंकित किया गया था। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदाताओं को उम्मीदवारों के सामने अपनी पसंद के अनुसार वरीयता क्रम लिखना होता है। पहली पसंद के उम्मीदवार के सामने ‘1’ लिखना आवश्यक होता है। नियमों के अनुरूप वरीयता दर्ज नहीं होने पर मतपत्र अवैध घोषित किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इन मतपत्रों के अवैध होने से कोहले को मिलने वाले संभावित वोट प्रभावित हुए। हालांकि, संबंधित मतपत्रों की संख्या और उनके अवैध घोषित होने के कारणों की निर्वाचन विभाग से आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।








