नागपुर :- शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो लोगों से कुल 6 लाख 59 हजार रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। खुद को समाजसेवक बताने वाले एक व्यक्ति ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा कर पीड़ितों को अपने जाल में फंसाया। शिकायत के आधार पर गणेशपेठ पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों में लोधीपुरा निवासी राहुल श्रीराम बहोरिया (40), शुभम भुरघाटे, अभिजीत कृष्णराव देशमुख, सीमा खंडेवाल और गीत अवस्थी शामिल हैं। गंजीपेठ निवासी किशोर समुंद्रे (65) की मॉर्निंग वॉक के दौरान राहुल बहोरिया से पहचान हुई थी। राहुल ने खुद को समाजसेवक बताते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से करीबी संबंध होने का दावा किया। बातचीत के दौरान समुंद्रे ने अपने परिवार के पांच सदस्यों को सरकारी नौकरी दिलाने के संबंध में उससे चर्चा की। आरोप है कि नौकरी लगवाने का भरोसा देकर राहुल ने समुंद्रे से 5 लाख 13 हजार रुपये लिए। इसके बाद समुंद्रे के माध्यम से उसके मित्र गुलाब बैस की बेटी को भी शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। आरोप है कि इस एवज में बैस से 1 लाख 46 हजार रुपये लिए गए। इस तरह दोनों पीड़ितों से कुल 6 लाख 59 हजार रुपये लिए गए। पुलिस के मुताबिक, राहुल ने अपने साथियों को शिक्षा विभाग के अधिकारी बताकर पीड़ितों से बातचीत कराई। इसके बावजूद नौकरी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। नौकरी के संबंध में पूछताछ करने पर राहुल अलग-अलग बहाने बनाकर दोनों को टालता रहा। रकम वापस मांगने पर भी वह लगातार टालमटोल करता रहा। ठगी का एहसास होने के बाद किशोर समुंद्रे ने गणेशपेठ थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने राहुल बहोरिया और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





