– हाथी का उत्पात, सरकार खामोश, गांवों में आंदोलन की तैयारी
सावंतवाड़ी :- गोवा राज्य से भटककर आया ‘ओंकार’ नामक एक अकेला हाथी इन दिनों महाराष्ट्र के सावंतवाड़ी तालुका के कास और सातोसे इलाकों में खेतों में घूम रहा है। वहीं, पाँच हाथियों का एक झुंड दोडामार्ग तालुका के कोलझर इलाके में पहुंच चुका है। लगभग एक महीने पहले ये सभी हाथी दोडामार्ग के केर और निडली इलाकों में इकट्ठा थे, लेकिन बाद में ‘ओंकार’ अकेले ही गोवा चला गया। अब यह हाथी महाराष्ट्र-गोवा की सीमा पर मंडरा रहा है। वन विभाग का कहना है कि जल्द ही ये सभी हाथी फिर से एक साथ आ सकते हैं।
पिछले चार दिनों से ‘ओंकार’ हाथी के कारण मडुरा, कास और सातोसे गांवों के किसानों पर बड़ा संकट टूट पड़ा है। हाथी ने खेतों में खड़ी फसल को रौंदकर लाखों का नुकसान कर दिया है। किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई उनके हाथ में आने से पहले ही बर्बाद हो गई। वन विभाग को कई बार सूचना देने के बावजूद केवल पटाखे छोड़कर और निगरानी रखने तक ही कार्रवाई सीमित रही है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। जमीनी स्तर के वन कर्मचारी अपने-अपने स्तर पर नजर रख रहे हैं, लेकिन उच्च अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे स्थिति गंभीर होती जा रही है। किसानों की आजीविका के साथ-साथ उनके जीवन को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। रोणापाल के पूर्व सरपंच सुरेश गावडे ने इस गंभीर स्थिति पर नाराजगी जाहिर की है और मांग की है कि वन मंत्री तुरंत हस्तक्षेप कर हाथी को नियंत्रित करें, अन्यथा उग्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।




