– जून में 7 करोड़ की खेप पकड़ तस्करों को दिया बड़ा झटका
नागपुर :- मध्य भारत में मादक पदार्थों की तस्करी के प्रमुख ट्रांजिट और वितरण केंद्र के रूप में उभरते नागपुर में पुलिस ने जून माह के दौरान विशेष मादक पदार्थ विरोधी अभियान चलाकर करीब 7 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए। यह मई तक की गई लगभग 3.11 करोड़ रुपये की बरामदगी की तुलना में करीब 123 प्रतिशत अधिक है।
पार्टी ड्रग के रूप में इस्तेमाल होने वाले एमडी (मेफेड्रोन) की बढ़ती मांग को देखते हुए नागपुर पुलिस ने तस्करी के नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान चलाया। मुंबई, हैदराबाद, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाली नागपुर की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर सक्रिय ड्रग तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए खुफिया सूचनाओं के आधार पर लगातार कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, जून 2026 तक शहर में मादक पदार्थ एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के तहत 425 मामले दर्ज किए गए, जबकि मई तक यह संख्या 199 थी। यानी मामलों में 226 की वृद्धि दर्ज की गई, जो लगभग 113.57 प्रतिशत अधिक है। एमडी ड्रग्स से जुड़े मामलों की संख्या भी बढ़कर 14 हो गई, जबकि जून 2025 में यह संख्या 8 थी। वहीं एमडी की बरामदगी 1.6 किलोग्राम से बढ़कर 9 किलोग्राम पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 451 प्रतिशत की वृद्धि है।
बड़े सप्लायरों तक पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना टारगेट
पुलिस उपायुक्त (डिटेक्शन) दीपक अग्रवाल ने बताया कि अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने तस्करी की पूरी श्रृंखला को तोड़ने के लिए व्यापक कार्रवाई की। इसमें सप्लाई चेन की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की जांच, वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण, जेल से रिहा हुए आरोपियों की निगरानी तथा आदतन अपराधियों पर विशेष नजर रखी गई। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल मादक पदार्थ जब्त करना नहीं, बल्कि सड़क स्तर पर नशा बेचने वालों से लेकर बड़े सप्लायरों तक पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना था।
संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी ने बताया कि रात्रिकालीन नाकाबंदी, वाहनों की सघन जांच और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली की मदद से कई खेपों को पकड़ने में सफलता मिली। साथ ही नशे की आपूर्ति और मांग,दोनों पक्षों पर कार्रवाई कर समस्या की जड़ पर प्रहार किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नागपुर पुलिस मादक पदार्थ तस्करी के सिंडिकेट पर लगातार दबाव बनाए रखेगी। आने वाले महीनों में ऐसे विशेष अभियान और अधिक व्यापक स्तर पर चलाए जाएंगे। इसके अलावा तस्करों के वित्तीय नेटवर्क तथा अंतरराज्यीय कनेक्शन को भी निशाना बनाकर कार्रवाई की जाएगी।





