अमरावती :- “हमारे सोयाबीन को आखिर कितने दाम पर खरीदा जाएगा, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस क्यों नहीं बता रहे?” – यह सवाल प्रहार पार्टी के प्रमुख बच्चू कडू ने उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों को सोयाबीन का भाव 7 हजार रुपये मिलना चाहिए, लेकिन बाजार में सिर्फ 4 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। इससे एक एकड़ में लगभग 20 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। “ऐसे हालात में किसानों को गुस्सा क्यों नहीं आता?” कडू ने सवाल किया।
बच्चू कडू ने कहा कि किसानों को हरियाणा और पंजाब के किसानों की तरह भगतसिंह की तरह लड़ना होगा। “यह जात-पात की लड़ाई नहीं है। अगर आप सब साथ आए, तो हम भगतसिंह की तरह जीतेंगे। लेकिन अगर जातीय झगड़ों में पड़े रहेंगे, तो सरकार आराम से बैठी रहेगी। हमें अगर सही दाम मिले, तो हम कर्जमाफी नहीं माँगेंगे, बल्कि किसानों का कर्ज हम खुद माफ कर देंगे।”
“मर किसान, मर जवान भाजपा का नारा”
कडू ने आगे कहा कि नेताओं को यही चाहिए कि किसान गरीब बने रहें और जात-पात में उलझे रहें। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा—“अगर आप किसानों को सही भाव नहीं दे सकते, तो सरकार में बैठे क्यों हैं? झंडा उठाकर मरने के लिए तो हम किसान ही काफी हैं। मेरे किसान को भाव दो, नहीं तो मैं अपनी विधायक की कुर्सी भी छोड़ दूँगा।”
उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि 28 अक्टूबर को नागपुर में भारी संख्या में पहुँचें और आंदोलन को सफल बनाएं। कडू ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनका नारा ही है – “मर किसान, मर जवान”। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कर्जमाफी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं मिला, तो किसान बहनें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भाईदूज पर हर महीने 1500 रुपये भेंट करें।
जलगाँव में हंगामा, कडू समेत 11 पर मामला दर्ज
इधर, जलगाँव में किसान आंदोलन के दौरान हंगामा मच गया। वहाँ सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप में पूर्व सांसद उन्मेश पाटिल और बच्चू कडू समेत 11 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। दरअसल, किसान प्रश्नों को लेकर “जन आक्रोश मोर्चा” निकाला गया था। प्रदर्शनकारियों ने माँग की कि जिलाधिकारी खुद स्थल पर आकर उनका ज्ञापन स्वीकार करें, लेकिन जब उन्होंने इंकार किया तो उन्मेश पाटिल और बच्चू कडू के नेतृत्व में आंदोलनकारियों ने पुलिस का विरोध करते हुए जबरदस्ती जिलाधिकारी कार्यालय में घुसने का प्रयास किया। इस दौरान भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।




