– महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर बड़ी कार्रवाई
गढ़चिरोली :– वन्यजीव तस्करी के खिलाफ छत्तीसगढ़ वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से दो बाघों की खाल के साथ महाराष्ट्र पुलिस के एक सिपाही और एक होमगार्ड को गिरफ्तार किया है। इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियों को अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क की आशंका है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के अहेरी स्थित प्राणहिता पुलिस मुख्यालय में तैनात पुलिस सिपाही बिजेश्वर गेडाम और होमगार्ड बाबूराव मडावी के रूप में हुई है। छत्तीसगढ़ के पश्चिम भानुप्रतापपुर वनमंडल के वनमंडलाधिकारी एस. नवीनकुमार के अनुसार, वन विभाग को वन्यजीवों के अंगों की तस्करी की विश्वसनीय सूचना मिली थी। इसके आधार पर मंगलवार देर रात महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के बांदे वन परिक्षेत्र में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान सीमा से गुजर रही एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोककर तलाशी ली गई। जांच में बोरी के भीतर छिपाकर रखी गई दो बाघों की खाल बरामद हुई। इसके बाद दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया तथा मोटरसाइकिल और बरामद खाल जब्त कर ली गई। प्राथमिक पूछताछ में जब यह सामने आया कि आरोपियों में एक पुलिस सिपाही और दूसरा होमगार्ड है, तो मामला और भी गंभीर हो गया। इस घटना ने सुरक्षा तंत्र के भीतर संभावित संलिप्तता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
बड़े तस्करी नेटवर्क की जांच जारी
दोनों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें वन विभाग की हिरासत में भेज दिया गया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद बाघों की खाल किस क्षेत्र की है, बाघों का शिकार कहां किया गया, इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इन खालों को किसे बेचने ले जाया जा रहा था। छत्तीसगढ़ वन विभाग अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी से जुड़े संभावित संगठित गिरोह के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रहा है।




