अयोध्या :- अयोध्या में रविवार को 9वां दीपोत्सव मनाया गया। इस दौरान 2 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बने। पहला- 56 घाटों पर 26 लाख 17 हजार 215 दीपक एक साथ जलाए गए। दूसरा- सरयू घाट पर 2128 लोगों ने महाआरती की। ड्रोन से दीपों की काउंटिंग हुई। राम की पैड़ी पर 1100 ड्रोन से विशेष लेजर लाइट शो हुआ। दीयों की गिनती 112 ड्रोनों से की गई। 75 हजार लीटर तेल और 55 लाख रुई की बत्तियों से सजाया गया।
दीपोत्सव के दौरान जलाए गए 26 लाख से अधिक दीयों ने न केवल एक विश्व कीर्तिमान स्थापित किया, बल्कि इसके पीछे एक मजबूत आर्थिक और सामाजिक संदेश भी है. रामनगरी का यह आयोजन ‘लोकल फॉर वोकल’ की भावना को साकार करता है, जिसमें स्थानीय उत्पादों, कारीगरों और संस्कृति को खास तवज्जो दी गई. दीपोत्सव के लिए लाखों दीयों की व्यवस्था की गई थी. इन दीयों का निर्माण अयोध्या और आसपास के जिलों के कुम्हारों, हस्तशिल्पियों और स्थानीय उद्यमियों द्वारा किया गया. इससे न सिर्फ हजारों परिवारों को रोजगार मिला और मिट्टी के दीयों की मांग ने पारंपरिक कुम्हारी उद्योग को पुनर्जीवित किया. वहीं तेल, बाती, रंगाई और पैकेजिंग जैसे सहायक उद्योग भी शामिल हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बहुआयामी लाभ मिला.



