– निकाय चुनाव से पहले राज ठाकरे का बड़ा हमला ; ईसीआई से की यह मांग
मुंबई :- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में 96 लाख फर्जी वोटर जोड़े जाने का गंभीर आरोप लगाया है और चेतावनी दी है कि अगर वोटर लिस्ट को साफ नहीं किया गया, तो स्थानीय निकाय चुनावों की पारदर्शिता पर सवाल उठेंगे। उन्होंने चुनाव आयोग को खुली चुनौती दी, ‘पहले मतदाता सूची साफ करें, फिर चुनाव कराएं। मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा, ‘अगर फर्जी वोटरों के सहारे चुनाव होंगे, तो यह महाराष्ट्र के मतदाताओं का सबसे बड़ा अपमान होगा।’ उन्होंने दावा किया, मुंबई में 8 से 10 लाख, ठाणे, पुणे और नासिक में 8 से 8.5 लाख और बाकी अन्य जिलों में लाखों फर्जी नाम जोड़े गए हैं।
राज ठाकरे बोले, ‘जब वोटरों की गिनती ही गलत हो, तो हमारी पार्टी के विधायक और सांसद आएंगे कैसे?’ पिछले साल राज्य चुनाव में मनसे को एक भी सीट नहीं मिली थी। ठाकरे ने कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा भी निर्वाचन आयोग पर ऐसे ही आरोप लगाती थी।
फर्जी वोट की शिकायत को लेकर विपक्ष एकजुट
हाल ही में शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस, एनसीपी-एसपी और मनसे समेत कई विपक्षी दलों ने राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी। उनका कहना है कि मतदाता सूचियों में डुप्लिकेट नाम, फर्जी पते और गड़बड़ियां पाई गई हैं। विपक्ष चाहता है कि 31 जनवरी 2026 से पहले होने वाले ग्रामीण और शहरी निकाय चुनावों से पहले इन सूचियों में सुधार किया जाए।
निर्वाचन आयोग का पक्ष और भाजपा पर अप्रत्यक्ष वार
महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने कहा, कोई भी राजनीतिक दल वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ नहीं कर सकता। वोटर लिस्ट को अपडेट करने की प्रक्रिया सुरक्षित तरीके से चल रही है। वहीं राज ठाकरे ने बिना नाम लिए भाजपा पर तंज कसा, उन्होंने कहा, ‘यह मायने नहीं रखता कि आप वोट डालते हैं या नहीं, मैच तो पहले ही फिक्स हो चुका है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल विपक्ष की आलोचना से इसलिए परेशान हैं क्योंकि इससे उनकी रणनीति उजागर होती है।




