– शहर में भारी वाहनों पर कोई देख रख नहीं
नागपुर :- शहर के दिल में स्थित शहीद गोवारी फ्लाईओवर पर वर्षों से भारी ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस फ्लाईओवर पर हैवी व्हीकल्स के प्रवेश पर स्पष्ट रूप से रोक है, बावजूद सरेआम भारी वाहन इस पुल से गुजरने को बेताब रहते है।
कुछ माह पहले प्रशासन ने इस पर बैरीकेट लगाए लेकिन ट्रकों के आवागमन ने इसकी अनदेखी कर दोनों छोर पर लगे बैरिकेट को उड़ा दिया। जिसके बाद पुनः इस पुल पर से भरी वाहनों की आवाजाही बेरोकटोक जारी हो गई। फिर भारी वाहनों का शहर में प्रवेश बंद करने के आदेश निकले लेकिन उसके बावजूद वाहनों का आना जाना नियमित जारी रहा! 

इसके पश्चात 8 दिसंबर से शहर में सरकार का शीतकालीन अधिवेशन शुरू हो रहा है। प्रशाशन ने ब्रिज कें दोनों छोर पर स्पीड ब्रेकर लगा दिए। 3 दिन पहले आनन फानन में पुनः ब्रिज पर बैरीकेट लगवा दिए। लेकिन बीती रात किसी अज्ञात ट्रक ने पुनः स्पीड पर कंट्रोल नहीं रखते हुए इस बैरीकेट को उड़ा दिया। बैरीकेट की हालत देखकर लग रहा है कि किसी ट्रक ने इसके बहुत ज्यादा स्पीड से टक्कर मारी है तभी इतना भारी भरकम लोहे का बैरीकेट पूरी तरह मुड़ गया है। इससे यह भी ज्ञात होता है कि रात में शहर के बीच से गुजरते वाहन ब्रिज पर लगे बोर्ड भी नहीं पढ़ते है। और पूरी स्पीड से शहर से निकलते है।
ज्ञात हो एक दिन पहले ही रात में रिजर्व बैंक चौक पर एक ट्रक वाले ने मोटर साइकिल को उड़ा दिया था, जिसमें 2 मासूम बच्चों की जान चली गई।
शहीद गोवारी फ्लाईओवर मूल रूप से हल्के और मध्यम वाहनों के लिए तैयार किया गया था। तकनीकी मानकों और इंजीनियरिंग विश्लेषण के अनुसार, यह पुल भारी ट्रक, कंटेनर और मालवाहक गाड़ियों का भार सहन करने के लिए उपयुक्त नहीं है। फिर भी, दिन-रात इस पर ट्रक और भारी वाहन दौड़ते नजर आते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहले यहां पुलिस भी तैनात रहती थी और लिमिट बार भी लगे थे। लेकिन कुछ साल पहले वो किसी हैवी वहां की टक्कर से टूट गए। उसके बाद बने हैं नहीं। लगता है प्रशासन जानबूझकर इस मामले को नजरअंदाज कर रहा है। न तो ट्रैफिक पुलिस की कोई गश्त दिखाई देती है सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. प्रवीण डबली ने प्रशासन से मांग की है कि इसका स्थाई समाधान ढूंढा जाए।
स्थानीय नागरिकों और यातायात की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए उसी तरह नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाएं।
डॉ. डबली ने कहा कि शहर के बीचोंबीच स्थित एक महत्वपूर्ण फ्लाईओवर की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। अगर समय रहते प्रशासन जागरूक नहीं हुआ, तो शहीद गोवारी फ्लाईओवर भविष्य में एक बड़े हादसे का कारण बन सकता है। अब ज़रूरत है सख्त कदम उठाने की, ना कि हादसे के बाद पछताने की।




