– व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से बढ़ी चिंता
यासीन शेख, गोंदिया :- अखाती देशों में जारी युद्ध का असर अब भारत के छोटे शहरों में भी दिखाई देने लगा है। इस युद्ध के कारण एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। जहां घरेलू गैस सिलेंडर का वितरण फिलहाल सामान्य रूप से जारी है, वहीं व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बंद कर दी गई है। इससे होटल व्यवसाय पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यदि यही स्थिति बनी रही तो जिले के होटल और रेस्टोरेंट्स कुछ ही दिनों में बंद होने की आशंका जताई जा रही है।
सरकार द्वारा 10 मार्च को जारी निर्देश के अनुसार व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल रोक दी गई है। आपातकालीन सेवाओं के तहत केवल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को ही गैस की आपूर्ति जारी रखी गई है। दूसरी ओर घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य है, हालांकि एक सिलेंडर के बाद दूसरा सिलेंडर पहले 21 दिनों में मिलता था, जो अब 25 दिनों के बाद उपलब्ध कराया जाएगा।
शिवभोजन केंद्रों पर भी संकट
जिले में कुल 51 शिवभोजन केंद्र संचालित हैं, जहां प्रतिदिन लगभग 5 से 6 हजार लाभार्थी भोजन का लाभ लेते हैं। लेकिन गैस सिलेंडर की कमी के कारण इन केंद्रों को चालू रखना भी कठिन हो सकता है। ऐसे में शिवभोजन केंद्रों को आपातकालीन सेवा के रूप में गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है। इस संबंध में शिवभोजन संचालक मंडल द्वारा शासन को निवेदन देने की तैयारी की जा रही है।
जिले में गैस का उपलब्ध साठा
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार जिले में विभिन्न गैस कंपनियों के कुल 21 वितरक हैं और 3 लाख 4 हजार 788 उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें प्रतिदिन लगभग 4 हजार 956 घरेलू गैस उपभोक्ताओं को सिलेंडर की आपूर्ति की जाती है, जबकि 72 व्यावसायिक सिलेंडर वितरित किए जाते हैं। फिलहाल जिले में 9 हजार 87 घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि व्यावसायिक सिलेंडरों का साठा मात्र 195 है। कई होटल व्यवसायियों के पास भी केवल 2 से 4 दिनों का ही गैस साठा बचा है।
शिवभोजन के लिए अलग प्रावधान नहीं
जिला आपूर्ति अधिकारी सतीश अगड़े ने बताया कि गैस कंपनियों द्वारा जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है और उनका पर्याप्त साठा उपलब्ध है। वहीं व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के मामले में शासन के आदेशों का पालन किया जा रहा है। शिवभोजन केंद्रों के लिए अलग से किसी विशेष प्रावधान के संबंध में शासन की ओर से अभी तक कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है।
इस बीच, गैस की कमी का असर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी शिवभोजन योजना पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। सिलेंडर की उपलब्धता कम होने से शिवभोजन केंद्र संचालकों की चिंता बढ़ गई है और केंद्रों के संचालन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।








