नागपूर :- यशोधरानगर क्षेत्र में जादू टोना करने के संदेह में ससुर द्वारा बहू की हत्या किए जाने की घटना सामने आई है। मृतका लक्ष्मी रविशंकर पाली (42) है। घटना के बाद महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) के नागपुर पदाधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर परिजनों और स्थानीय नागरिकों से जानकारी ली।
पुलिस के अनुसार, आरोपी नत्थूमल भगवान पाली (72) के बेटे रविशंकर का वर्ष 2019 में निधन हुआ था। इसके बाद से नत्थूमल को बेटे की मौत के पीछे उसकी पत्नी लक्ष्मी के जादू टोना करने का संदेह था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होता रहता था। 12 सितंबर को भी इसी मुद्दे पर विवाद हुआ और नत्थूमल ने लक्ष्मी पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद नत्थूमल ने कुएं में छलांग लगाकर जान देने का प्रयास किया। उसे बाहर निकालकर उपचार के लिए मेयो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा कर हमले में इस्तेमाल हथियार जब्त किया है। मामले में हत्या का अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद अंनिस के पदाधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों और नागरिकों से संवाद किया। समिति ने कहा कि जादू टोना, करणी और इसी तरह के अंधविश्वास का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। अफवाहों या अंधविश्वास के आधार पर किसी व्यक्ति को प्रताड़ित करना अथवा उसके खिलाफ हिंसा करना गंभीर अपराध है। समिति ने नागरिकों से ऐसी घटनाओं की जानकारी मिलने पर पुलिस या संबंधित संस्था को सूचित करने की अपील की। अंनिस की ओर से बताया गया कि जादू टोना अस्तित्व में होने का वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति के लिए पुरस्कार की घोषणा की गई है, लेकिन अब तक कोई इसे प्राप्त नहीं कर सका है।
इस अवसर पर अंनिस के राज्य कार्यकारिणी सदस्य रामभाऊ डोंगरे, जिला कार्याध्यक्ष डॉ.सुनील भगत, जिला सचिव गौतम पाटिल, शाखा सचिव कमलेश सतदेवे, राज्य विभागीय सदस्य देवयानी भगत, शाखा उपाध्यक्ष शोभा पाटिल, शाखा कार्याध्यक्ष वर्षा सहारे, शारदा मोटघरे और अरविंद तायडे उपस्थित थे।





