भोपाल :- मध्य प्रदेश के बालाघाट में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में रविवार को एक बड़ी सफलता सामने आई है. यहां 2.36 करोड़ रुपए के इनामी 10 हार्डकोर नक्सलियों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने हथियार डाल दिए. इन नक्सलियों ने AK-47, INSAS राइफल, SLR और सिंगल शॉट गन जैसे घातक हथियारों के साथ सरेंडर किया है. यह सरेंडर लंबे समय से सक्रिय नक्सली नेटवर्क के लिए करारा झटका माना जा रहा है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मौके पर कहा कि डिंडोरी और मंडला जिले अब पूरी तरह नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनवरी से बालाघाट में नक्सलियों को पूरी तरह खत्म करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा. जो लोग मुख्यधारा में लौटेंगे, उन्हें 15 साल का पुनर्वास पैकेज मिलेगा, जबकि जो हथियार नहीं छोड़ेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सरेंडर करने वाले ये सभी 10 नक्सली प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया माओवादी की भोरसादेव एरिया कमेटी से जुड़े थे. ये नक्सली महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से जुड़े MMC जोन के नए KB डिवीजन का हिस्सा थे. इस डिवीजन का संचालन उग्रवादी सुंदर उर्फ कबीर के हाथ में था. यह नेटवर्क मध्य प्रदेश के मंडला जिले से छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले तक फैला था.




