– 85 लाख रुपये की मिली थी फर्जी करेंसी
– 36 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली,खुल सकता है बड़े नेटवर्क का राज
नागपुर :- वाठोड़ा थाना क्षेत्र में नकली नोट छापने के मामले में मुख्य आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस त्रिमूर्तिनगर निवासी पुष्पक कृष्णा भेंडारकर उर्फ बेंडाने (30) की सरगर्मी से तलाश कर रही है। घटना के 36 घंटे बीत जाने के बावजूद आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी की गिरफ्तारी से नकली नोटों के संभावित नेटवर्क और उनकी छपाई व वितरण से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, करीब डेढ़ वर्ष पहले पुष्पक ने खरबी के चैतन्येश्वरनगर निवासी रमेश गंगाधर हरडे (55) के घर में एक कमरा किराये पर लिया था। लंबे समय तक किराया नहीं मिलने और किरायेदार के गायब हो जाने के बाद मकान मालिक ने कमरे का ताला तोड़ा। कमरे के भीतर नकली नोट छापने का सामान मिलने पर मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में नकली नोट और छपाई में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त की।
आधे छपे नोट भी मिले
पुलिस की कार्रवाई के दौरान करीब 37 लाख रुपये के नकली नोट जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा लगभग 48 लाख रुपये मूल्य के ऐसे नोट भी मिले, जिनकी एक तरफ छपाई हो चुकी थी, जबकि दूसरी तरफ का हिस्सा खाली था। इस बरामदगी से मामले की गंभीरता बढ़ गई है। हालांकि, नकली नोटों की कुल मात्रा, उनकी छपाई और संभावित वितरण को लेकर जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
गिरफ्तारी से खुल सकता है नेटवर्क:
पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि आरोपी ने अब तक कितने नकली नोट छापे और क्या इनमें से कुछ नोट बाजार में चलाए भी गए हैं। यदि नकली नोट बाजार तक पहुंचे हैं, तो इससे आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचने की आशंका है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस गतिविधि में आरोपी के अलावा अन्य लोग शामिल थे या नहीं।
नकली नोटों की छपाई और उन्हें बाजार में चलाने के लिए अन्य लोगों की मदद लिए जाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, इस संबंध में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आरोपी से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पूछताछ में शामिल लोगों ने नकली नोट छापने के काम की जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस आरोपी के संपर्कों, उसके ठिकानों और इस गतिविधि से जुड़े संभावित लोगों की जानकारी जुटा रही है।
इस मामले में मकान मालिक द्वारा कमरा खोलने के बाद नकली नोटों की छपाई का खुलासा हुआ। यदि कमरे में चल रही गतिविधियों का पता समय रहते नहीं चलता, तो नकली नोटों की छपाई और उनके संभावित प्रसार का दायरा कितना बढ़ता, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता फरार आरोपी को गिरफ्तार करना और नकली नोटों की छपाई व वितरण से जुड़े सभी पहलुओं का पता लगाना है।








