– नों की रफ्तार रिकॉर्ड कर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू
अमरावती :- देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेस-वे में शामिल समृद्धि महामार्ग पर लगातार बढ़ते जानलेवा हादसों को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और मजबूत की जा रही है। मई 2026 तक चार वर्षों में 378 घातक दुर्घटनाओं में 526 लोगों की जान जा चुकी है। अब महामार्ग पर प्रत्येक 50 किलोमीटर के अंतराल पर दोनों दिशाओं की सभी लेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही स्वचालित गति मापक यंत्र (ऑटोमैटिक स्पीड डिटेक्शन सिस्टम) तैनात कर दिए गए हैं। फिलहाल इनसे केवल निगरानी शुरू की गई है।
जल्द ही निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों की रफ्तार रिकॉर्ड कर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। निर्धारित रफ्तार से अधिक स्पीड दर्ज करने के तुरंत बाद संबंधित वाहन मालिक को ई-चालान मिलेंगा। महामार्ग पर कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर से कम प्रति घंटा निर्धारित है। इस संबंध में सूचना फलक पहले से लगाए गए हैं। नई हाईटेक व्यवस्था के जरिए ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण और दुर्घटनाओं में कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। धामणगांव रेलवे क्षेत्र में हाल ही में हुई भीषण कार दुर्घटना के बाद परिवहन विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। आरटीओ के उड़न दस्तों की गश्त बढ़ाई जाएगी ताकि सड़क किनारे अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों पर नजर रखी जा सके और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। महामार्ग पर सड़क किनारे वाहन खड़े न हों, इसके लिए उड़न दस्तों की गश्त बढ़ाई जाएगी और सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाया जाएगा।




