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वन्यजीवों के आशियानों पर मंडरा रहे संकट के बादल

– ग्रामीणों ने दी 3 मार्च को हड़ताल की चेतावनी

चंद्रपुर :- ब्रह्मपुरी वन विभाग अंतर्गत तलोधी के आलेवाही बिट क्षेत्र में प्रस्तावित लोहार डोंगरी सनफ्लैग लोह खनिज उत्खनन परियोजना को लेकर क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है। पर्यावरण और वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि इस परियोजना से दर्जनभर गांवों के निवासी और समृद्ध वन्यजीव प्रभावित होंगे, जिससे भविष्य मंल मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने की आशंका है। विरोध के स्वर तेज करते हुए इको प्रो संस्था के संस्थाध्यक्ष बंडू धोत्रे ने 3 मार्च से भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है। समिति की रिपोर्ट के अनुसार यह परियोजना 35.94 हेक्टेयर जैव विविधता से समृद्ध आरक्षित वन क्षेत्र में प्रस्तावित है।ग्रामीणों का आरोप है कि इस परियोजना से वन्यजीवों के प्राकृतिक आशियानों पर गं भीर खतरा उत्पन्न होगा और क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन बिगड़ सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित खनन क्षेत्र घने जंगलों और वन्यजीवों के आवास के निकट स्थित है। यहां तेंदुआ, हिरण, जंगली सूअर सहित कई प्रजातियों का निवास है। खनन गतिविधियों से न केवल पेड़ों की कटाई होगी, बल्कि वन्यजीवों का विस्थापन भी तय है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में वृद्धि होने की आशंका जताई जा रही है।स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि परियोजना को तत्काल रोका जाए और विस्तृत पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (ईआईए) सार्वजनिक किया जाए। उनका कहना है कि बिना ग्रामसभा की सहमति और ज नसुनवाई के इस तरह की परियोजना को आगे बढ़ाना उचित नहीं है।

विरोध को तेज करते हुए ग्रामीणों ने 3 मार्च को हड़ताल की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस संबंध में वन विभाग और संबंधित कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। क्षेत्र में स्थिति को देखते हुए प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


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