– अभिजीत दिपके ने 490 छात्रावासों के करार को रद्द करने की मांग की
नागपुर :- आदिवासी विकास विभाग और लक्ष्मण मानकर ट्रस्ट के बीच 490 आदिवासी छात्रावासों के प्रबंधन को लेकर हुए समझौते को रद्द करने की मांग काक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने की है। उन्होंने समझौते की प्रति फाड़कर राज्य सरकार के फैसले का विरोध किया।
डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में विदर्भ के विभिन्न जिलों से आए आदिवासी विद्यार्थियों से संवाद करते हुए दिपके ने कहा कि छात्रों को अपने मुद्दों के लिए सीमित और ठोस मांगें तय कर लगातार प्रयास करना चाहिए। उन्होंने एमपीएससी छात्रों के आंदोलन का उदाहरण देते हुए आंदोलन की रणनीति और अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से रखने के महत्व पर जोर दिया। दिपके ने आदिवासी विद्यार्थियों से अपने साथ होने वाली घटनाओं और समस्याओं की जानकारी समाज के अन्य वर्गों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को व्यापक समर्थन मिलने पर सरकार पर भी समाधान के लिए दबाव बन सकता है। इसके लिए संबंधित घटनाओं के वीडियो और अन्य माध्यमों से जानकारी प्रसारित करने का सुझाव उन्होंने दिया।
उच्च शिक्षा पर जोर
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की विकास प्रक्रिया में समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल कर विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहिए। पारंपरिक रूप से जंगल पर निर्भर रोजगार के अवसर सीमित होने के कारण आदिवासी युवाओं को गांवों तक सीमित न रहते हुए शहरों में शिक्षा और रोजगार के अवसर तलाशने चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभाने का भी आह्वान किया।
दिपके ने नीट परीक्षा से जुड़े एक पुराने आंदोलन का भी उदाहरण दिया और कहा कि किसी समुदाय की समस्याओं को व्यापक समाज तक पहुंचाने से जनसमर्थन हासिल किया जा सकता है।





