– मौलाना की पत्नी और दो बेटियों की हत्या से सनसनी
लखनऊ :- यूपी के बागपत की मस्जिद में मौलाना की पत्नी और उनकी दो बेटियों की हत्या 2 छात्रों ने की थी। दोनों मस्जिद में ही मौलाना से तालीम (शिक्षा) ले रहे थे। मौलाना इब्राहिम ने पढ़ाई करने के लिए दोनों छात्रों की पिटाई की। फिर वह अफगानी विदेश मंत्री के स्वागत के लिए सहारनपुर के देवबंद चले गए। दोपहर 1 बजे दोनों छात्र मस्जिद में घुस आए। वहां बने कमरे में गए तो मौलवी की पत्नी इसराना (30) और दोनों बेटिया सोफिया (5) और सुमैय्या (2) कमरे में सो रही थी।आरोपी छात्रों ने सोते वक्त ही हथौड़ा मारकर तीनों की हत्या कर दी। यानी छात्रों ने 4 घंटे में ही पिटाई का बदला लिया। फिर चाकू से गला रेत दिया, ताकि जिंदा बचने की कोई चांस न हो। इसके बाद दोनों भाग गए। जब मस्जिद में ट्रिपल मर्डर का खुलासा हुआ तो आरोपी छात्र आ गए। उन्होंने रोने और हंगामे का नाटक भी किया। एसपी सूरज राय ने कहा- दोनों आरोपी मस्जिद के मदरसे में पढ़ाई करते थे। मौलवी ने उनकी पिटाई की थी, इसलिए छात्रों ने उनकी पत्नी और दो बेटियों की हत्या की। आरोपियों की उम्र 14 और 15 साल है। दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया है।
बागपत जिला मुख्यालय से करीब 45 किमी दूर दोघट थाने में गांगनोली गांव है। यहां मस्जिद में इब्राहिम मुफ्ती है। वह मस्जिद में नमाज पढ़ाने के साथ ही मदरसे में बच्चों को तालीम देते थे। मस्जिद के ऊपर ही एक कमरा बना था। इसमें पत्नी और दो बेटियों का परिवार रहता था। इब्राहिम मूलरूप से मुजफ्फरनगर के सुन्ना गांव के रहने वाले थे। मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए लोग आए। उन्होंने मौलाना को आवाज दी, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं आया। लोग पहली मंजिल पर गए तो कमरे से बाहर खून बहता नजर आया। दरवाजा खोला तो अंदर पत्नी और दो बेटियों की खून से लथपथ लाश पड़ी थी।
ट्रिपल मर्डर से हड़कंप मच गया। सैकड़ों की संख्या में लोग मस्जिद पहुंच गए। पुलिस के सीनियर अफसर भी पहुंच गए। लोग हंगामा करने लगे और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। जिस वक्त वारदात हुई, उस वक्त मौलवी घर पर नहीं थे।




