नागपुर :- सरकारी आदेश के अनुसार, शोरूमों के लिए नई मोटरसाइकिल खरीदने वाले ग्राहकों को दो हेलमेट देना अनिवार्य है. लेकिन इस नियम का उल्लंघन होने के बावजूद, आरटीओ द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. इसलिए, सवाल उठता है कि क्या यह नियम केवल कागजों पर ही है.
पिछले कुछ वर्षों में दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि हुई है. दुर्घटनाओं में शराब पीकर वाहन चलाने वालों की मृत्यु दर अधिक है. दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए सरकार ने हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया है.
नए नियमों के तहत, मोटरसाइकिल बेचते समय शोरूमवालों को मोटरसाइकिल चालकऔर पीछे बैठनेवाले को हेलमेट उपलब्ध कराना अनिवार्य है. हालांकि, शहर में दोपहिया वाहन बेचने वाले शोरूम चालक दोपहिया वाहन के साथ हेलमेट नहीं देते हैं. कुछ शोरूम हेलमेट देते हैं, लेकिन इसके लिए ग्राहकों से शुल्क लेते हैं.
केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1989 के अनुसार, नया दोपहिया वाहन खरीदने वाले ग्राहक को एक हेलमेट देना अनिवार्य है. परिवहन विभाग ने 2०16 में एक परिपत्र जारी कर नए दोपहिया वाहन खरीदने वाले ग्राहक को दो हेलमेट देना अनिवार्य कर दिया था. सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 2०25 में केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1989 में संशोधन भी किया है.
जब ग्राहक शहर में दोपहिया वाहन शोरूम में हेलमेट खरीदने जाते हैं, तो उनसे हेलमेट के लिए अलग से पैसे मांगे जाते हैं या उन्हें किसी बाहरी दुकान से हेलमेट खरीदने की सलाह दी जाती है. इसलिए, कुछ लोग शोरूम में अधिक पैसे देकर हेलमेट खरीदते हैं.
नागपुर में दोपहिया वाहन की पिछली सीट पर बैठनेवाले हेलमेट नहीं पहनते. दिलचस्प बात यह है कि यातायात पुलिस भी इस पर कोई कार्रवाई करती नजर नहीं आ रही है. हेलमेट न पहनने पर चालक के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान है. लेकिन जहां एक तरफ दुपहिया बेचने वाले शोरूम वाले नियमों की अनदेखी कर रहे है.
कानून में एक महत्वपूर्ण बदलाव का सुझाव दिया गया. वाहन निर्माताओं के लिए दो हेलमेट उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया गया. हालांकि, ऐसा प्रतीत होता है कियह नियम आज भी लागू नहीं किया जा रहा है.








