– नागपुर में होगा बड़ा धरना कल
नागपुर :- नीट प्रवेश परीक्षा जिसे देश में मेडिकल शिक्षा के लिए सबसे अहम रास्ता माना जाता है वह एक बार फिर विवादों में घिर गई है. रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित धांधलियों और गड़बडिय़ों के साथ-साथ छात्रों के भविष्य को कथित तौर पर खतरे में डालने के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देने की मांग करते हुए, पार्टी ने 5 जून को नागपुर जो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृह नगर है, के संविधान चौक पर धरना देने की घोषणा की है. पार्टी ने छात्रों के लिए न्याय की मांग करने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर एक बड़े जन आंदोलन का आह्वान किया है.
देश भर में लाखों छात्रों ने मेडिकल शिक्षा हासिल करने के लिए नीट परीक्षा की तैयारी की थी. हालांकि, परीक्षा प्रक्रिया के दौरान कथित धांधलियों, गड़बडिय़ों और पारदर्शिता को लेकर उठाए गए सवालों ने छात्रों और अभिभावकों, दोनों में भारी असंतोष पैदा कर दिया है. इसी पृष्ठभूमि में, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. विरोध प्रदर्शन की मुख्य मांगें ये हैं कि नीट परीक्षा से जुड़े सभी आरोपों की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय जांच की जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाया जाए.
यह देखते हुए कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने मांग की है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करें और तुरंत अपना इस्तीफा दें. शुक्रवार, 5 जून को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक संविधान चौक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा.
नागपुर राज्य के मुख्यमंत्री, देवेंद्र फडणवीस का गृह नगर है. नतीजतन, शहर में नीट परीक्षा के मुद्दे पर हो रहा विरोध प्रदर्शन—जिसे व्यापक रूप से राज्य का राजनीतिक केंद्र माना जाता है—काफी राजनीतिक महत्व का माना जा रहा है. इस आंदोलन का उद्देश्य सरकार को एक स्पष्ट संदेश देना है कि उसे छात्रों के सामने आ रही समस्याओं के संबंध में तत्काल कोई ठोस कदम उठाना चाहिए.
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
पार्टी ने चेतावनी जारी की है कि यदि नीट मामले में छात्रों को न्याय नहीं मिलता है, या यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे पूरे राज्य में इस आंदोलन को और तेज कर देंगे. पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि, वह छात्रों के भविष्य के संबंध में किसी भी तरह के समझौते या हेर-फेर को बर्दाश्त नहीं करेगी.



