नवी दिल्ली २८ : कसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा हो रही है। सोमवार को राक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत की। रक्षा मंत्री ने कहा कि, हुए सेना के शौर्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि सेना ने 6-7 मई की रात ऐतिहासिक ऑपरेशन किया। पहलगाम आतंकी हमले में लोगों को धर्म पूछकर मारा गया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक कर निर्णायक कार्रवाई की छूट दी। उन्होंने ऑपरेशन की जानकारी देते हुए कहा कि हमने आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारा। सेना ने आतंकियों से हमारी माताओं-बहनों के सिंदूर का बदला लिया। राजनाथ सिंह ने सदन में कहा कि, विपक्ष बार-बार ये पूछता है कि ऑपरेशन में हमारे गितने विमान गिरे जबकि विपक्ष को प्रश्न ये पूछना चाहिए कि क्या भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कितने विमान मार गिराए। अगर आपको प्रश्न पूछना है तो ये पूछिए कि क्या ऑपरेशन सिंदूर कामयाब रहा तो इसका जवाब है हां। अगर आपको प्रश्न पूछना है तो ये पूछिए कि क्या पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकाने तबाह हुए तो इसका जवाब है हां। रजा मंत्री ने आगे कहा कि, आपको ये बता दूं कि भारतीय सेना को इस ऑपरेशन में किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है।
रक्षा मंत्री ने दिया ये जवाब
राजनाथ सिंह ने कहा कि लक्ष्य जब बड़े हों, तो छोटे मुद्दों पर ध्यान नहीं जाना चाहिए। इससे देश की सुरक्षा, सैनिकों के सम्मान और उत्साह से ध्यान हट सकता है। आज हम सत्तापक्ष में हैं, तो जरूरी नहीं कि हमेशा सत्ता में ही रहेंगे। जनता ने हमें जब विपक्ष में रहने का दायित्व सौंपा, तब सकारात्मक तरीके से निभाया भी है. हमने 1962 में चीन के साथ युद्ध में दुखद परिणाम आया, तब हमने पूछा था कि हमारी धरती पर दूसरे देश का कब्जा कैसे हुआ। हमने पूछा कि सेना के जवान हताहत कैसे हुए. हमने मशीनों और तोपों की चिंता न करके देश की बेहतरी की चिंता की।




