– बिजीलैंड स्थित एसबीआई बैंक की सीढ़ियों पर वारदात
नांदगावपेठ :- अमरावती पेट्रोल पंप की नकदी बैंक में जमा कराने पहुंचे एक युवक को तीन लुटेरों ने चाकू की नोंक पर लूट लिया। मंगलवार दोपहर 12 बजे के बीच बिजीलैंड स्थित एसबीआई बैंक के सामने हुई इस वारदात में बदमाश 3 लाख 14 हजार रुपए से भरी बैग लेकर फरार हो गए। शिकायत देर से आने से इस मामले में नांदगांव पेठ पुलिस ने तीन नाबालिग आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की है। अक्षय मोरे नामक युवक नागपुर महामार्ग स्थित दो पेट्रोल पंपों की नकद 3 लाख 14 हजार रुपए बैंक में जमा कराने बिजीलैंड स्थित एसबीआई शाखा पहुंचे थे। जैसे ही अक्षय बैंक की सीढ़ियां चढ़ने लगे, तभी एक बदमाश ने उन्हें जोरदार धक्का दिया, जबकि दूसरे आरोपी ने उनकी बाइक हिलाई। संतुलन बिगड़ने से अक्षय नीचे गिर पड़े। दोनों आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उनके हाथ से नकदी से भरी बैग छीन ली। वारदात के दौरान तीसरा आरोपी कुछ दूरी पर इलेक्ट्रिक बाइक चालू कर खड़ा था। दोनों आरोपी बैग छीनकर उसके पास पहुंचे और तीनों तेज रफ्तार से मौके से फरार हो गए।
ऑनलाइन सर्च करना व्यापारी को पड़ा भारी
अमरावती। सस्ते दाम में इलेक्ट्रिकल उपकरण मंगाने के लिए ऑनलाइन सर्च करना बडनेरा के एक व्यापारी को भारी पड़ गया। दिल्ली के एक कथित सप्लायर ने मल्टीमीटर सप्लाई करने के नाम पर 4 लाख 90 हजार 880 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवाकर धोखाधड़ी कर दी। मामले में बडनेरा पुलिस ने मंगलवार की रात को आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता अर्जुन पडितराव माहोरे (23, पुरानी बस्ती, बडनेरा) इलेक्ट्रिकल उपकरणों का व्यवसाय करते हैं। उन्हें बड़ी मात्रा में मल्टीमीटर की जरूरत थी। उन्होंने कम कीमत में माल उपलब्ध कराने वाले सप्लायर की ऑनलाइन तलाश शुरू की। इस दौरान दिल्ली निवासी रिंकु मित्रा नामक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया। आरोपी ने खुद को इलेक्ट्रिकल सामान सप्लायर बताते हुए मल्टीमीटर का नमूना भी भेजा। नमूना पसंद आने के बाद दोनों के बीच सौदा हुआ। इसके बाद आरोपी द्वारा दिए गए बैंक खाते में 27 फरवरी 2026 को अर्जुन माहोरे ने ऑनलाइन 4 लाख 90 हजार 880 रुपए ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलने के बाद आरोपी ने सामान भेजने में टालमटोल शुरू कर दी। कई दिनों तक फोन और संपर्क करने के बावजूद न तो माल भेजा गया और न ही रकम लौटाई गई। आखिरकार आरोपी ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया।