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6०3 करोड़ रुपये की ‘पॉवरफुल’ योजना तैयार

– नागपुर की बिजली आपूर्ति होंगी अत्याधुनिक

 नागपुर :- महावितरण ने अब उन विकास कार्यों की श्रृंखला में बड़ा योगदान दिया है जो उप-राजधानी सहित पूरे जिले का चेहरा बदल रहे हैं. नागपुर जिले की बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने और सशक्त बनाने के लिए एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से 6०2.98 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी विकास योजना लागू की जा रही है। राज्य के राजस्व मंत्री और जिले के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में महावितरण की हाल ही में हुई विशेष समीक्षा बैठक में इस परियोजना की प्रगति प्रस्तुत की गई. इस परियोजना के कारण, नागपुर निवासियों को भविष्य में बिजली कटौती और अनियमित बिजली कटौती से स्थायी रूप से राहत मिलेगी.

बढ़ते शहरीकरण और भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. इस आवश्यकता को समझते हुए, महावितरण ने नागपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों दोनों के लिए एक मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करने की योजना बनाई है. इस बैठक में मुख्य अभियंता दिलीप दोडके ने जिले की विस्तृत जानकारी दी. वर्तमान में, जिले में 33 केवी क्षमता के 19० सबस्टेशन चौबीसों घंटे कार्यरत हैं, जिनमें कुल 3827 कर्मचारी कार्यरत हैं. अब ‘एडीबी’ योजना के माध्यम से इस प्रणाली में एक बड़ा विस्तार किया जाएगा. इसके अलावा, 2,213 किमी लंबाई के 564 33 केवी क्षमता के चैनल और 12,778 किमी लंबाई के 564 11 केवी क्षमता के चैनल, 319 पावर ट्रांसफार्मर, 34,77० वितरण ट्रांसफार्मर और 32,184 किमी लंबाई के निम्न-वोल्टेज चैनलों का एक नेटवर्क जिले के 184० गांवों को रोशन कर रहा है. हालांकि, एडीबी योजना के कारण, इस प्रणाली में अब आमूल-चूल परिवर्तन होने जा रहे हैं.

इस योजना के तहत, जिले के हर कोने में 21 नए अतिरिक्त उच्च वोल्टेज ( 33/11 केवी) सबस्टेशन स्थापित किए जाएंगे. इनमें से 9 नागपुर शहर में और 12 ग्रामीण क्षेत्रों के रणनीतिक स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे. न केवल नए सबस्टेशन, बल्कि मौजूदा 7 सबस्टेशनों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी और वहां की प्रणाली को अधिक कुशल बनाया जाएगा. उपभोक्ताओं को लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए , 4०5 नए वितरण ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे और 156 किलोमीटर लंबी नई ओवरहेड लाइन और लगभग 3०० किलोमीटर लंबी आधुनिक भूमिगत लाइन बिछाने का प्रस्ताव है. इससे मानसून या तूफान के दौरान बिजली कटौती की संख्या में कमी आएगी.

यह योजना नागपुर शहर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों दाभा, हिंगना, सुभान नगर , न्यू कलमना, तुलसीबाग और जाफर नगर के उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाएगी. नए सबस्टेशन बुटीबोरी, गांधीबाग, महल और सिविल लाइंस जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की कमी को दूर करेंगे. विकास की यह बिजली काटोल, उमरेड, मौदा और कामठी के ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचेगी.

वर्तमान में, नागपुर शहर की बिजली की मांग 875 मेगावाट से अधिक हो गई है. महावितरण ने गर्मी से उत्पन्न इस दबाव का सामना करने के लिए तकनीक को उन्नत किया है. इस बैठक में अधीक्षक अभियंता अमित परांजपे, संजय वाकडे और सभी विभागों के कार्यकारी अभियंता उपस्थित थे. 6०3 करोड़ रुपये के इस निवेश से नागपुर जिला ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और आधुनिक बन जाएगा, जिससे उद्योग, कृषि और आम नागरिकों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी.

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