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देश में कुल सौर पंपों में से 64 प्रतिशत महाराष्ट्र में

नागपुर :- महाराष्ट्र ने सौर कृषि पंपों के क्षेत्र में विश्व रिकॉर्ड बनाया है और गुरुवार को देश में सबसे अधिक 1० लाख सौर कृषि पंपों का आंकड़ा पार कर राष्ट्रीय स्तर पर एक नया इतिहास रच दिया है. यह उपलब्धि पीएम कुसुम-बी और मगेल-ए-खु सौर कृषि पंप परियोजनाओं के तहत हासिल की गई है. देश भर में कुल सौर कृषि पंपों में से 64 प्रतिशत पंप अकेले महाराष्ट्र में ही कार्यरत हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई दी है.

प्रधानमंत्री कुसुम-बी और राज्य सरकार के अनुरोध के अनुसार, महावितरण द्वारा सौर कृषि पंप योजना का प्रभावी कार्यान्वयन जारी है। ऊर्जा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव आभा शुक्ला और महावितरण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र के नेतृत्व में महावितरण ने सौर कृषि पंपों के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है.

देश में अब तक कुल 15 लाख 62 हजार 289 सौर कृषि पंप चालू किए जा चुके हैं. इनमें से 1० लाख 472 ( 64 प्रश) पंप अकेले महाराष्ट्र्र में चालू किए गए हैं, जबकि शेष सभी राज्यों में कुल 5 लाख 61 हजार 817 ( 34 प्रश) कृषि पंप चालू किए गए हैं. महाराष्ट्र के बाद, हरियाणा (1 लाख 9० हजार), राजस्थान (1 लाख 27 हजार), उत्तर प्रदेश (71 हजार 538), झारखंड (61 हजार 452) और गुजरात (21 हजार 894) का स्थान है. इससे पहले, महाराष्ट्र ने महावितरण द्वारा प्रस्तावित सौर कृषि पंप योजना के तहत एक ही महीने में 45 हजार 911 सौर कृषि पंप चालू करके विश्व रिकॉर्ड बनाया था. इसे दिसंबर 2०25 में गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया था.

सौर कृषि पंप योजना के तहत, सामान्य किसानों को मात्र 1० प्रतिशत और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों को केवल 5 प्रतिशत की लाभार्थी हिस्सेदारी पर तीन, पांच और 7.5 हॉर्सपावर के सौर कृषि पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं. ये सौर पंप पैनल 25 वर्षों तक बिजली उत्पन्न करते हैं. इसके चलते अब तक 1० लाख से अधिक किसानों को बिजली बिल से छूट मिल चुकी है. उन्हें दिन भर निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल रही है. इसके साथ ही खेतों में बिजली दुर्घटनाओं का खतरा भी पूरी तरह टल गया है. इन सौर पैनलों की मदद से सिंचाई के साथ-साथ विभिन्न कृषि उपकरणों, मोबाइल चार्जिंग और ई-वाहनों की चार्जिंग को बिजली देना आसान हो गया है. इसके अलावा, किसानों को बची हुई बिजली से अन्य छोटे कृषि व्यवसाय शुरू करने का अवसर भी मिला है.

इस योजना के तहत प्रत्येक सौर पंप पर 5 वर्ष की वारंटी दी गई है. इस अवधि के दौरान रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी आपूर्तिकर्ता एजेंसी की अनिवार्यता है. साथ ही, सौर पैनलों और पंपों को होने वाले नुकसान , प्राकृतिक आपदाओं और चोरी के खिलाफ बीमा कवरेज भी उपलब्ध है. यदि सौर कृषि पंपों के संबंध में कोई शिकायत हो, तो संबंधित किसान महावितरण मोबाइल ऐप और वेबसाइट, 24 घंटे के टोल-फ्री नंबर और संबंधित आपूर्तिकर्ता कंपनी की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

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