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राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का छापा

– उप-पंजीयक कार्यालय में मिली रिश्वत की रक़म, रजिस्ट्री में भारी भ्रष्टाचार उजागर 

नागपुर :- रजिस्ट्री में कमीशनखोरी की कई शिकायतें मिलने के बाद, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने रिंग रोड स्थित कोतवालनगर स्थित उप पंजीयक कार्यालय पर सीधे छापा मारा। इस बार उन्होंने स्पष्ट किया कि वहाँ रजिस्ट्री प्रक्रिया में अनियमितताएँ पाई गईं। कुछ अधिकारियों की दराजों में पैसे मिले। एक रजिस्ट्री के लिए 5 से 8 हज़ार का कमीशन: बावनकुले को शिकायत मिली थी कि संबंधित कार्यालय में एक रजिस्ट्री के लिए 5 से 8 हज़ार का कमीशन लिया जा रहा है। बावनकुले को शिकायत मिली थी कि कोतवालनगर स्थित कार्यालय में रजिस्ट्री करते समय पैसे मांगे जा रहे हैं। साथ ही, दस्तावेज़ नियमित न होने पर भी रजिस्ट्री की जा रही है। इसके आधार पर उन्होंने सोमवार दोपहर वहाँ छापा मारा। इस बार उन्होंने उप पंजीयक अनिल कपले के कार्यालय की तलाशी ली। दराज खोलने पर कुछ रकम मिली। उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। राज्य में बढ़ती रजिस्ट्री घोटालों और कमीशनखोरी की शिकायतों के बाद अब सरकार ने सीधे मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने नागपुर के रिंग रोड स्थित कोतवालनगर उप-पंजीयक कार्यालय पर अचानक छापा मारा। इस छापे के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं, जिससे स्पष्ट हुआ कि रजिस्ट्री कार्यालय में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है।

राजस्व मंत्री को नागरिकों से बार-बार शिकायत मिल रही थी कि एक सामान्य प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए ₹5,000 से ₹8,000 तक अवैध कमीशन मांगा जाता है। अधिकारी और कर्मचारी आम लोगों को उलझाकर घूस लेने के तरीके खोजते हैं। बिना पैसे दिए लोगों के दस्तावेज़ आगे नहीं बढ़ते। इन शिकायतों की स्वतंत्र जांच के बजाय, मंत्री ने खुद अचानक निरीक्षण करने का निर्णय लिया। मंत्री ने जब उप-पंजीयक कार्यालय का निरीक्षण किया, तो कुछ कर्मचारियों की दराजों में नगद रक़म मिली। यह राशि, प्रारंभिक जांच में, रजिस्ट्री के बदले ली गई कथित रिश्वत बताई जा रही है। यह पूरी व्यवस्था आम जनता को लूटने का अड्डा बन चुकी है। रजिस्ट्री जैसे संवेदनशील और नागरिक हित के काम में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” मंत्री का कड़ा रुख: कार्रवाई के संकेत, छापेमारी के बाद राजस्व मंत्री ने कहा कि जल्द ही जांच समिति गठित की जाएगी। दोषियों पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज हो सकते हैं। राज्यभर के अन्य पंजीयन कार्यालयों की भी निगरानी की जाएगी। उन्होंने अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब से ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ अपनाई जाएगी।

जनता में नाराजगी, सरकार से उम्मीदें

इस घटनाक्रम के बाद नागपुर सहित राज्य भर में आम नागरिकों में चर्चा है कि रजिस्ट्री कार्यालयों में भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है। वर्षों से यह विभाग दलालों और अफसरों की मिलीभगत का केंद्र बना हुआ है। सरकार को अब न सिर्फ दिखावटी कार्रवाई, बल्कि सिस्टम की सफाई करनी होगी। राजस्व मंत्री द्वारा उप-पंजीयक कार्यालय पर डाला गया छापा एक साहसी कदम कहा जा सकता है। इससे यह संदेश गया है कि अब भ्रष्टाचार को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। हालांकि, असली परीक्षा तब होगी जब गंभीर कार्रवाई, पारदर्शिता, और लंबे समय के सुधार किए जाएंगे।

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