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“दत्तोपंत का जीवन श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक” – श्रीधर गाडगे का प्रतिपादन

– भारतीय मजदूर संघ द्वारा नागपुर जिले में दत्तोपंत ठेंगड़ी स्मृतिदिन सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाया गया।

नागपुर :– राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से घडित दत्तोपंत ठेंगड़ी ने अपना सम्पूर्ण जीवन श्रमिकों और वंचितों के कल्याण के लिए समर्पित किया। इसी उद्देश्य से उन्होंने भारतीय मजदूर संघ की स्थापना की। समाज में समानता स्थापित करने के लिए जीने वाले दत्तोपंत का जीवन श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है। यह उद्गार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विदर्भ प्रांत सह-संघचालक श्रीधर गाडगे ने व्यक्त किए।

देश की सबसे बड़ी श्रमिक संस्था भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी का स्मृतिदिन प्रत्येक वर्ष सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ, नागपुर शाखा द्वारा देवी अहिल्या मंदिर, धंतोली में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप में श्रीधर गाडगे उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय महामंत्री रवींद्र हिंमते ने की। विशेष अतिथि के रूप में भारतीय मजदूर संघ, विदर्भ प्रदेश महामंत्री गजाननराव गटलेवार और भामसं नागपुर प्रमुख हर्षल ठोंबरे मंच पर उपस्थित थे।

श्रीधर गाडगे ने अपने भाषण में दत्तोपंत ठेंगड़ी की अनेक स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि वंचितों और दलितों का उत्थान यह डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और दत्तोपंत ठेंगड़ी को जोड़ने वाला समान सूत्र था। इसलिए जब डॉ. बाबासाहेब ने धर्मांतरण का निर्णय लिया, तो उन्होंने अपनी भूमिका दत्तोपंत ठेंगड़ी को समझाई थी। वह युग ही विचारशील लोगों का युग था, ऐसा उन्होंने कहा।

“समानता के बिना समरसता असंभव” – रवींद्र हिंमते

रवींद्र हिंमते ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी सदैव कार्यकर्ताओं को समानता और बंधुता स्थापित करने की प्रेरणा देते थे। समानता के बिना समरसता संभव नहीं है। इसलिए वे जीवनभर भेदभाव मिटाकर समाज में समता लाने के लिए कार्यरत रहे। उनके विचारों का अनुसरण करते हुए हम सभी को ऐसा भारत निर्माण का संकल्प लेना चाहिए, जहाँ हर व्यक्ति को समान अधिकार मिले।

कार्यक्रम में अनेक संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा महिला कामगार बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन हर्षल ठोंबरे ने किया और आभार प्रदर्शन तिर्थराज बदामे ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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