खापरखेड़ा :- चनकापुर में शुक्रवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया. गांव की निर्मला उत्तम सोनटक्के (50 वर्ष) और उनका बेटा लकी सोनटक्के (27 वर्ष) की करंट लगने से मौत हो गई. हादसे से पूरा गांव शोक में डूब गया है. हमेशा की तरह निर्मला नहाने के बाद अपनी साड़ी सुखाने के लिए बाहर आई. जब उन्होंने साड़ी टांगने की कोशिश की, तब वह दीवार के पास लटक रही टूटी हुई बिजली की तार के संपर्क में आ गईं. उन्हें जोरदार करंट का झटका लगा. मां को देख बेटा लकी उन्हें बचाने के लिए दौड़ा. लेकिन मां के साथ उसे भी करंट ने अपनी चपेट में ले लिया. कुछ ही क्षणों में दोनों की जान चली गई. हादसे को देख लकी की छोटी बहन ने चिल्लाना शुरु किया. पड़ोसी दौड़कर पहुंचे और बिजली आपूर्ति बंद की, तुरंत दोनों को दहेगांव रंगारी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. गांव में मातम छा गया. हर आंख नम थी, हर चेहरे पर अविश्वास और दर्द दिखाई दे रहा था.
लकी ने अपनी मां को बचाने की कोशिश में खुद की जान दे दी. उनके बीच का रिश्ता आखिरी सांस तक साथ रहा. पूरे परिवार पर दुःख का पहाड़ टूट पड़ा. निर्मला सोनटक्के के पति उत्तम सोनटक्के अलग रहते हैं और उनसे परिवार का संपर्क बहुत कम था. घर पर टाइल्स लगाने का काम चल रहा था, उसी दौरान यह घटना हुई. निर्मलाताई के पीछे दो बेटियां हैं, जिनकी अब तक शादी नहीं हुई है. मां और भाई के एक साथ चले जाने से दोनों बहनें अनाथ हो गई हैं. गांव वाले अब उनके भविष्य को लेकर चिंतित और शोकग्रस्त हैं. घर से रोज हंसी-खुशी की आवाजें आती थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है. हर कोई स्तब्ध है. चनकापुर गांव इस हादसे को जल्द भुला नहीं पाएगा.








