– छह डिपो घाटे में, जबकि दो लाभ में
नागपुर :- दिवाली का त्योहार के समय यात्रियों की संख्या ज़्यादा होती है. यात्रियों की सुविधा के लिए एसटी निगम अतिरिक्त बसें चलाता है. इसलिए, राज्य परिवहन निगम के नागपुर मंडल को अक्टूबर महीने में लाभ की उम्मीद थी. लेकिन, सभी आठ डिपो के हिसाब-किताब पर गौर करें तो नागपुर मंडल को घाटा उठाना पड़ा. केवल उमरेड और काटोल डिपो ही लाभ में रहे. हालांकि, घाटरोड, गणेशपेठ, रामटेक, सावनेर, इमामवाड़ा और वर्धमाननगर छह डिपो घाटे में रहे. नागपुर मंडल ने दिवाली से पहले पुणे-नागपुर और दिवाली के बाद नागपुर-पुणे केबीच अतिरिक्त लंबी दूरी की बसें चलाई हैं. दिवाली के त्योहार पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए, विभिन्न शहरों के लिए अतिरिक्त बसें चलाई गई हैं. इसलिए, दिवाली के महीने में नागपुर मंडल को लाभ होने की उम्मीद थी. हालांकि, नागपुर मंडल के सभी आठ डिपो को कुल 27 करोड़ 44 लाख 83 हज़ार रुपये की आय हुई. हालांकि, बसों के रखरखाव और अन्य व्यवस्थाओं पर 31 करोड़ 22 लाख 69 हजार रुपये खर्च हुए और नागपुर मंडल को 3 करोड़ 77 लाख 86 हज़ार रुपये का घाटा उठाना पड़ा. नागपुर मंडल के उमरेड डिपो ने 2 करोड़ 59 लाख 3० हज़ार रुपये खर्च किए.
हालांकि, निगम को 2 करोड़ 79 लाख 3० हजार रुपए की आय प्राप्त हुई और 2० लाख 23 हजार रुपए का लाभ हुआ. काटोल डिपो ने 3 करोड़ 39 लाख 14 हजार रुपए खर्च किए और 3 लाख 47 लाख 42 हजार रुपए की आय प्राप्त हुई और 8 लाख 28 हजार रुपए का लाभ हुआ.
हालांकि, गणेशपेठ आगर ने 4 करोड़ 89 लाख 86 हजार की आय अर्जित की और 6 करोड़ 69 लाख 52 हजार का व्यय किया. इसलिए, 1 करोड़ 79 लाख 66 रू. का लाभ हुआ.
ई-बसों समेत साधारण बसों का संचालन करने वाले इमामवाड़ा डिपो को 1 करोड़ 34 लाख 7० हजार रुपए का घाटा उठाना पड़ा. क्योंकि आमदनी 4 करोड़ 11 लाख 49 हजार रुपए और खर्च 5 करोड़ 46 लाख 19 हजार रुपए रहा. इसके साथ ही घाटरोड डिपो को 37 लाख 57 हजार रुपए, रामटेक डिपो को 1 लाख 3० हजार रुपए, सावनेर डिपो को 32 लाख 18 हजार रुपए और वर्धमाननगर डिपो को 2० लाख 96 हजार रुपए का घाटा उठाना पड़ा. इसलिए सवाल यह है कि नागपुर विभाग के सभी डिपो कब लाभ में आना शुरू करेंगे.








