Related Posts

नागपुर में अवैध राशन दुकानों का खेल, बिना शासन आदेश के जारी है संचालन

<p><strong>&&num;8211&semi; अन्न आपूर्ति विभाग पर सवाल &colon; मिलीभगत से चल रहीं कई फर्जी पार्टनरशिप दुकाने&quest;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>&&num;8211&semi; पूर्व अधिकारियों की करतूतें बेनकाब&comma; लेकिन कार्रवाई शून्य <&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>&&num;8211&semi; शहर में अब भी चल रही कई अवैध राशन दुकानें<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर &colon;- <&sol;strong>अन्न आपूर्ति विभाग कार्यालय &lpar;नागपुर शहर&rpar; कार्यक्षेत्र अंतर्गत कई वर्षों पहले मंजूर हुई अनेक राशन दुकानों को बाद भी भागीदारी &lpar;पार्टनरशिप&rpar; के अनुबंध के तहत संचालित किया जा रहा है&period; लेकिन इसमें अधिकांश राशन दुकानों को बिना शासन आदेश के ही अवैध तरीके चलाया जा रहा है&period; पूर्व में तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसे कई मामले सामने आए&comma; लेकिन वर्तमान में भी इन अवैध राशन दुकानों को संरक्षण मिलता नजर आ रहा है&period; इससे राज्य सरकार की भूमिका पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं&period; यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या शहर का अन्न आपूर्ति विभाग भी इसे जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा है&period; आखिर इन अवैध राशन दुकानों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है&quest; शहर के कई सक्रिय आरटीई कार्यकर्ताओं ने इस संदर्भ में विभाग से सूचना के अधिकार अंतर्गत जानकारी भी मांगी&period; लेकिन इसे देने में भी टालमटोल हो रहा है&period;<&sol;p>&NewLine;<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार एक तत्कालीन अन्न वितरण अधिकारी ने अपने कार्यकाल में ऐसी ही कई राशन दुकानों को शासन आदेश के बिना ही नागपुर दुय्यम निबंधक कार्यालय के माध्यम से भागीदारी का आदेश जारी कराया&period; जबकि यह आदेश देने का अधिकार केवल संबंधित विभाग के मंत्री को होता है&period; ऐसे ही कुछ मामलों को लेकर संदीप रियाल नामक आरटीई कार्यकर्ता ने विभाग को पत्र लिखकर कुछ दुकानों की जानकारी मांगी थी&period;<&sol;p>&NewLine;<p><strong>सरकार की भूमिका संदेह के घेरे में<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>उन्होंने हंसापुरी&comma; नालसाहब चौक निवासी कमलेश शिवप्रसाद गुप्ता के परिमंडल कार्यालय &&num;8216&semi;ब&&num;8217&semi; मेडिकल अंतर्गत कमलेश ट्रेडर्स&comma; जूनी मंगलवारी निवासी घनश्याम भगवानदास बावने के परिमंडल कार्यालय &&num;8216&semi;क&&num;8217&semi; महाल जोन अंतर्गत घनश्याम ट्रेडर्स&comma; चितारओली निवासी शशांक महेंद्र जैन के परिमंडल कार्यालय &&num;8216&semi;क&&num;8217&semi; महाज अंतर्गत जय अंबे ट्रेडर्स के संदर्भ में पूछा था कि यह तीनों राशन दुकानें किसके नाम पर संचालित हो रही हैं&period; संबंधित दुकानों का कमीशन किसके नाम पर आ रहा है&period; साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री&comma; अन्न व नागरी आपूर्ति मंत्री&comma; प्रधान सचिव को पत्र लिखकर जांच की मांग भी की थी&period; लेकिन अब तक इसपर कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला&period; कुछ राशन दुकानदारों ने बताया कि इन तीनों राशन केंद्रों के अलावा कई ऐसी ही दुकानें हैं&comma; जो बिना शासन आदेश के अब भी अवैध तरीके से चल रही है और उन्हें अनाज का कोटा भी दिया जा रहा है&period;<&sol;p>&NewLine;