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बावनकुले का सुलेखा कुंभारे को नोटिस

<p><strong>&&num;8211&semi; कहा &&num;8211&semi; मानहानि के लिए बिना शर्त मांगें माफी&comma; वरना होगी कानूनी कार्रवाई<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर &colon;- <&sol;strong> à¤°à¤¾à¤œà¤¸à¥à¤µ मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को उनके वकील के ज़रिए बहुजन रिपब्लिकन एकता मंच की प्रमुख और पूर्व मंत्री सुलेखा कुंभारे को एक लीगल नोटिस भेजा है। इसमें उन्होंने उन पर झूठे&comma; बेबुनियाद और बदनाम करने वाले आरोप लगाने के लिए 5 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। नोटिस में यह कहा गया है कि बदनाम करने वाले और गैर-ज़िम्मेदाराना बयान तुरंत वापस लिए जाएं और सोशल मीडिया समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर उनका ब्रॉडकास्ट बंद किया जाए&comma; प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों के लिए बिना शर्त सार्वजनिक माफ़ी मांगी जाए&comma; और सभी मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक शुद्धिपत्रक जारी करके 15 दिनों के अंदर बदनामी के लिए 5 करोड़ रुपये का हर्जाना दिया जाए। नोटिस में कहा गया है कि सुलेखा कुंभारे ने 4 दिसंबर&comma; 2025 को नागपुर प्रेस क्लब में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के खिलाफ झूठे&comma; बेबुनियाद और बदनाम करने वाले आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस को कई न्यूज़ चैनलों पर दिखाया गया।<&sol;p>&NewLine;<p>कुंभारे ने बावनकुले पर चुनाव प्रक्रिया में अमीर उम्मीदवारों का सपोर्ट करने&comma; उनके साथी को &&num;8216&semi;दलाल&&num;8217&semi; कहने&comma; काले धन को बचाने और फर्जी वोटिंग को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप सबके सामने लगाए हैं। नोटिस में कहा गया है कि ये सभी आरोप पूरी तरह से झूठे&comma; बेबुनियाद और गुमराह करने वाले हैं&comma; और इसकी वजह से समाज में बावनकुले की राजनीतिक&comma; सामाजिक और व्यक्तिगत छवि खराब हुई है। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर नोटिस में लिखी गईं सभी बातें पूरी नहीं की गईं&comma; तो कुंभारे के खिलाफ़ सिविल और क्रिमिनल&comma; दोनों तरह की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी&comma; और इस कार्रवाई में होने वाले सभी खर्चों के लिए वह पूरी तरह से ज़िम्मेदार होंगी।<&sol;p>&NewLine;