नागपुर :- नागपुर और विदर्भ के कई हिस्सों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी देखी जा रही है. पिछले 2 हफ्तों से उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद सिलेंडर पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है जिससे गैस एजेंसियों और ग्राहकों के बीच विवाद की स्थिति भी बन रही है. शहर के विभिन्न इलाकों में बुकिंग से डिलीवरी के समय में काफी अंतर देखा जा रहा है. बुकिंग के बाद सिलेंडर आने में 2 से 8 दिन का समय लग रहा है. विदर्भ के अन्य हिस्से में प्रतीक्षा अवधि 10 से 15 दिन तक पहुंच गई है. पिछले महीने हिंदुस्तान पेट्रोलियम के ग्राहकों को रिफिल के लिए 15 से 20 दिनों तक का इंतजार करना पड़ा था. क्यों हो रही है देरी: इस किल्लत का मुख्य कारण केंद्र सरकार की नीति में किया गया एक तकनीकी बदलाव है. सरकार ने अब हर गैस आपूर्ति टैंकर पर वीटीएस (व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम) लगाना अनिवार्य कर दिया है. यह जीपीएस की तरह रीयल टाइम ट्रैकिंग की सुविधा देता है. टैंकरों में इस यूनिट को लगाने में हो रही देरी के कारण गैस की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है जिससे घरेलू डिलीवरी में रुकावट आई है. एचपीसीएल अकेले विदर्भ में औसतन 22,000 मीट्रिक टन एलपीजी की आपूर्ति करता है. नागपुर के खापरी डिपो को प्रति दिन 35 टैंकरों की आवश्यकता होती है, जबकि चंद्रपुर डिपो को 20 टैंकरों की जरूरत पड़ती है. नागपुर, वर्धा, गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर, गड़चिरोली, अमरावती और अकोला सहित कई जिलों में आपूर्ति में गिरावट दर्ज की गई है.








