नागपुर :- जिस कांक्रीट सड़क की मजबूती के लिए 50 साल तक का दावा किया जाता है. उसके साल-डेढ़ साल में टूटने-फटने के कई नजारे उपराजधानी में देखे जा चुके हैं. रिंग रोड पर कलमना ब्रिज की बदहाली के बीच अब परिसर के करीब ही कावरापेठ आरओबी की नामदेव नगर वाली आर्म के रैंप के एक हिस्से में कांक्रीट की परत उखड़ती हुई नजर आ रही है. अक्तूबर 2021 में पारडी से कलमना तक बना पुल का एक हिस्सा टूटकर गिरने की घटना सुर्खियों में रही थी. इसके बाद 2022 से ही कावरापेठ में आरओबी का निर्माण शुरु हुआ और सितंबर 2024 में पूर्ण हुआ. लेकिन 14 महीने बाद अब यहां रैंप के जोड़ वाले हिस्से में परत उखड़ने लगी है. इसके नीचे लगा सरिया साफतौर पर दिखाई दे रहा है. कलमना पुल में गड्ढे झेल कावरापेठ फ्लाईओवर से नामदेव नगर के आर्म की रैम्प में उखड़ रहीं परत. हे लोग इस नवनिर्मित पुल की में टूट-फूट की शुरुआत को लेकर चिंतित हैं. गौरतलब है कि ये वही पुल है जिसके नीचे आरयूबी का काम बीते 4 साल से रेंग रहा है. लंबे समय बाद यहां रिलीविंग गर्डर पुश करने के लिए रेल ब्लॉक मिला अब बॉक्स पुशिंग हो जाने के बाद इन गर्डर्स को निकालने के लिए रेल ब्लॉक का इंतजार है.








