– 13 महिलाएं, 40 पुरुष, 2 बच्चे थे शामिल, आजाद देश में भी ये कैसी गुलामी
सोलापुर :- आजाद भारत में भी आदिवासी मजदूरों को गुलामी जैसी जिंदगी जीने पर मजबूर किया जा रहा है. प्रतापगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन विश्वास’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से 53 बंधक आदिवासी मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है. इनमें 13 महिलाएं, 40 पुरुष और 2 छोटे बच्चे शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, इन मजदूरों को काम का झांसा देकर दलाल इंदौर से महाराष्ट्र ले गए थे. वहां उन्हें जमींदारों के यहां बंधक बनाकर रखा गया. मजदूरी मांगने पर मजदूरों के साथ मारपीट की जाती थी. यहां महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं. दलालों ने जमींदारों से मजदूरी के नाम पर लाखों रुपये एडवांस में लिए, लेकिन मजदूरों को न तो पूरा पेमेंट मिला और न ही आज़ादी.
प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने रात करीब 11:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया, उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई एएसपी गजेन्द्रसिंह जोधा के मार्गदर्शन में की गई. थाना घण्टाली के उप निरीक्षक सोहनलाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शोलापुर जिले के अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला, रेस्क्यू के दौरान यह भी सामने आया कि मजदूरों के पास खाने तक के पैसे नहीं थे. ऐसे में पुलिस ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से भोजन और किराए की व्यवस्था कराई. इसके बाद सभी 53 मजदूरों को सुरक्षित प्रतापगढ़ लाया गया.




