चंद्रपुर :- महाराष्ट्र और देश के दूसरे राज्यों में हलचल मचाने वाले किडनी रैकेट केस की धीमी पड़ी जांच में स्वास्थ्य विभाग की “एंट्री’ से तेजी की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग “थोटा’ (ह्यूमन ऑर्गन्स एंड ट्रांसप्लांटेशन) एक्ट के तहत अलग जांच कर रहा है। जिसकी रिपोर्ट सोमवार या मंगलवार को जिला सत्र न्यायाधीश को सौंपी जाएगी। साथ ही, जिला सिविल सर्जन द्वारा अलग रिपोर्ट दर्ज करायी जाएगी। नागभीड़ तहसील के मिंथुर निवासी किसान रोशन कुडे को कर्ज चुकाने के लिए अपनी किडनी बेचनी पड़ी थी। इस मामले में अब तक छह अवैध साहूकारों और दो एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली और तमिलनाडु के दो डॉक्टरों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। इस बीच, चुनाव की वजह से मामले की जांच धीमी पड़ गई थी। इस बीच, जिला सिविल सर्जन “थोटा’ के तहत जिले के प्राधिकृत अधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं। पीड़ित किसान कुडे का बयान भी दर्ज किए जाने की जानकारी है। सिविल सर्जन की रिपोर्ट के बाद जिला सत्र न्यायाधीश क्या निर्णय लेते हैं इस ओर निगाहें होगी।








