– रसोई का तड़का महंगा : लाल मिर्ची के साथ हल्दी के भाव भी हुए सुर्ख
नागपुर :- इस समय लाल मिर्ची के दाम तेजी से बढ़ गए हैं. खासकर तेलंगाना के वारंगल और खम्माम की कृषि मंडियों में मिर्ची की कीमतें बहुत ज्यादा हो गई हैं. इससे स्थानीय मार्केट में मिर्ची के भाव 40 से 50 रुपये प्रति किलो तेज हो गये हैं. व्यापारियों के अनुसार मिर्ची कम होने और मांग ज्यादा होने की वजह से इसके दाम बढ़ते जा रहे हैं. जो तेजा मिची 150 रुपये प्रति किलो चल रही थी, वह इस समय 50 रुपये बढ़कर 200 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है. इसी तरह आंध्रा की ब्लैक शीट 145 रुपये से सीधे 210 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है. चपाटा भी 230 से 340 रुपये प्रति किलो पर पहुंचकर लोगों को जमकर महंगाई का झटका दे रही है.
फटकी पहुंची 100 से 110 रुपये प्रति किलो पर : मिर्ची व्यापारी प्रवीण मगनानी बताते हैं कि इस बार मिर्ची की कीमतों में काफी उछाल आया है. अन्य किस्म की मिर्ची के साथ फटकी मिर्ची भी 100 से 110 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है जो कि 60 से 65 रुपये प्रति किलो पर चल रही थी. मिर्ची की खेती कम होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि अब पहले की तरह ज्यादा जमीन पर मिर्ची नहीं बोई जा रही है. पिछले बार के मुकाबले इसकी फसल काफी कम है. एक अन्य व्यापारी के अनुसार मिर्ची की फसल पर थ्रिप्स नाम के कीड़े और विल्ट जैसी बीमारी का हमला हुआ, जिससे बहुत सी फसल खराब हो गई.
इस साल मिर्ची की नई फसल पर ज्यादा बारिश और नमी का बुरा असर पड़ा. बारिश के कारण मिर्ची में नमी आ गई और उसकी गुणवत्ता खराब हो गई. इसी वजह से व्यापारी मिर्ची खरीदने में सावधानी बरत रहे हैं और बाजार में खरीदी-बिक्री कम रही है. इससे मंडियों में मिर्ची की कमी और साफ दिखाई देने लगी. यहां की मिर्ची विदेशों में बहुत पसंद की जाती है. इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय मिर्ची की मांग काफी बढ़ गई है. जब बाहर के देश ज्यादा मिर्ची खरीदते हैं तो देश के अंदर मिर्ची कम हो जाती है. यही वजह है कि मिर्ची के दाम और ऊपर चले गए हैं. मिर्ची की कमी को देखते हुए व्यापारी अब कोल्ड स्टोरेज यानी ठंडे गोदामों में रखी मिर्ची भी बाजार में ला रहे हैं. पहले जो मिर्ची बाद के लिए बचाकर रखी गई थी उसे भी अब बेचा जा रहा है. इससे साफ पता चलता है कि बाजार में मिर्ची की कितनी कमी है.लाल मिर्ची की तरह हल्दी के भाव भी सुर्ख बने हुए हैं. इन में बातों से लोगों को तड़का लगाना महंगा पड़ा रहा है. इस समय वायगांव हल्दी के दाम 285 से 320 रुपये प्रति किलो व सेलम, राजापुरी हल्दी 150 से 190 रुपये प्रति किलो चल रही है. अगले माह नई फसल आने के बाद हल्दी के भावों में गिरावट आ सकती है.








