– अब मूक दर्शक नहीं रहेगा विपक्ष : मनपा में आक्रामक भूमिका में नागपुर महाविकास आघाड़ी
– जनविरोधी नीतियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष : सडक़ों से सदन तक आवाज बुलंद करेगी आघाड़ी
नागपुर :- नागपुर मनपा में अक्षमता, मनमानी शासन व्यवस्था और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष छेडऩे के दृढ़ संकल्प के साथ, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) मनपा गुट ने मंगलवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले नागपुर महा विकास आघाड़ी में आधिकारिक तौर पर विलय कर लिया. इस राजनीतिक घटनाक्रम के साथ, मनपा में विपक्ष अब मूक दर्शक बने रहने के बजाय एक प्रभावी शक्ति के रूप में खड़ा होगा, जो सीधे तौर पर शासकों को जवाबदेह ठहराएगा.
यह विलय प्रशासन की विफलताओं को उजागर करने, गरीब-विरोधी और जनविरोधी निर्णयों का खुलेआम विरोध करने और उपेक्षित नागरिक मुद्दों पर जिम्मेदारी तय करने के दृढ़ संकल्प के साथ किया गया है। इस एकता के कारण, नागपुर महा विकास आघाड़ी विधानसभा के साथ-साथ सडक़ों पर भी नागपुरवासियों की एक निडर, आक्रामक और जुझारू आवाज के रूप में सक्रिय हो गई है.
नागपुर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और विधायक विकास ठाकरे की पहल पर आयोजित एक संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया. बैठक में नागपुर महाविकास आघाड़ी के गुट नेता संजय महाकालकर और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) केगुट नेता किशोर कुमेरिया उपस्थित थे.
इसके बाद, दोनों गुटों के नेताओं ने संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी से मुलाकात की और बैठक का विवरण तथा विलय दस्तावेज प्रस्तुत कर सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा किया.
नेताओं ने कहा कि, इस विलय के साथ, नागपुर मनपा में नागपुर महाविकास आघाड़ी की संख्या बढक़र 36 पार्षद हो गई है और अब यह गठबंधन सत्ताधारी दल के मनमाने प्रबंधन पर कड़ी नजर रखेगा और हर फैसले की सार्वजनिक रूप से जांच करेगा. गठबंधन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि कुछ और पार्षद समूहों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है और आने वाले दिनों में और भी विलय होने की संभावना है. इससे मनपा में भ्रष्टाचार, निष्क्रियता और जनता की उपेक्षा के खिलाफ संघर्ष और तेज होगा.
सत्ताधारी दल की मनमानी पर रहेगी कड़ी नजर
नागपुर महाविकास आघाड़ी जलापूर्ति, अपशिष्ट प्रबंधन, रोजगार, शिक्षा, सडक़ें, जन स्वास्थ्य, नागरिक सुरक्षा और गरीबों की आजीविका जैसे सभी मुद्दों पर आक्रामक रूप से सडक़ों पर उतरेगी. गठबंधन ने केवल कागजी नारों से नहीं, बल्कि ठोस कार्यों से नागपुर को स्वच्छ, हरा-भरा, सुरक्षित और वास्तव में स्मार्ट बनाने का अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है. इस विलय के अवसर पर कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कई नेता उपस्थित थे.








