– उमरेड-मोहप्पा रोड पर दर्दनाक हादसा
– तेज रफ्तार टिप्पर ने छीने दो सपने : गुस्साए लोगों ने वाहन को किया आग के हवाले
– भारी वाहनों पर नियंत्रण की मांग तेज : प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
उमरेड़ :- गुरुवार की सुबह उमरेड-मोहप्पा रोड पर स्थित एमआईडीसी परिसर खून से लथपथ हुआ. बारहवीं की बोर्ड परीक्षा देने जा रही एक निर्दोष छात्रा और उसके पिता की तेज रफ्तार टिप्पर से हुई भीषण टक्कर में मौके पर ही मौत हो जाने से पूरा क्षेत्र दहल उठ़ा. इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद संतप्त लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए टिप्पर को आग लगा दी.
मोहापा निवासी सुभाष केशव भीवणकर (52) अपनी बेटी जान्हवी सुभाष भीवणकर (18) को 12 वीं की परीक्षा के लिए उमरेड ले जा रहे थे. उसकी सहेली वंशिका नरूले भी उनके साथ थीं. जान्हवी , जो आंखों में उज्ज्वल भविष्य के सपने, हाथ में प्रवेशपत्र और दिल में आत्मविश्वास लिए घर से निकली थी, भाग्य के क्रूर खेल का शिकार हो गई.
एमआईडीसी क्षेत्र में गिट्टी खदानों की ओर तेजी से जा रहे एक टिप्पर (एमएच 4० बीजी 775०) ने उनकी दोपहिया गाड़ी को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि सुभाष भिवणकर का सिर कुचल गया और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई. नागरिक तुरंत सडक़ पर पड़ी बच्ची को ग्रामीण अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया. पल भर में पिता और पुत्री का जीवन समाप्त हो गया और पूरा गांव शोक में डूब गया.
इस हादसे से नागरिकों में आक्रोश व्याप्त हुआ. इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही तुरंत बंद करने की मांग लोगों ने प्रशासन से करने के बाद भी प्रशासन ने इसे नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है. वे इस बात पर आक्रोश व्यक्त कर रहे थे कि खदानों के भारी वाहनों की तेज रफ्तार, नियमों की अनदेखी और नियंत्रण की कमी के कारण दो निर्दोष लोगों की जान चली गई.
दुर्घटना के बाद, संतप्त लोगों ने चालक को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की. फिर टिप्पर को आग लगा दी गई. कुछ पुलिस वाहनों में भी तोडफ़ोड़ की गई. कुछ समय के लिए स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई. पूरा इलाका युद्धक्षेत्र जैसा लग रहा था. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार, उपविभागीय पुलिस अधिकारी वृष्टि जैन और पुलिस निरीक्षक धनाजी जलक मौके पर पहुंचे. अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और स्थिति को नियंत्रण में लाया गया. मोहपा गांव में फिलहाल कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है और पूरा गांव पुलिस छावणी में तब्दील हो गया. इस बीच, इस मार्ग पर भारी वाहनों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की जोरदार मांग उठ की गई.
मोहपा गांव में मातम और आक्रोश
संतप्त नागरिक पूछ रहे हैं कि, प्रशासन की निष्क्रियता के कारण दो जानें चली गईं, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?.
परीक्षा के प्रवेश द्वार पर खड़ी एक लडक़ी की दुखद मौत और उसके पिता की मौके पर ही मृत्यु—इस दोहरे आघात ने मोहपा गांव को शोक में डुबो दिया. इलाके में शोक, क्रोध और पीड़ा का माहौल छाया हुआ है और पुलिस आगे की जांच कर रही है.








