नाशिक :- शहर के एक प्रतिष्ठित बिल्डर के साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का आरोप सामने आया है। दो भाइयों ने आयकर और जीएसटी भरने के नाम पर बिल्डर से पैसे लिए। पर सरकारी खजाने में पूरी रकम जमा नहीं की। इसके कारण बिल्डर की देनदारी की बड़ी रकम बकाया रह गई। अब बकाया, पेनल्टी और ब्याज मिलाकर यह राशि 2.42 करोड़ रुपए हो गई है। नाशिक स्थित मुंबई नाका पुलिस ने दोनों भाइयों ललित कदम और शशांक कदम के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गोविंदनगर निवासी कैलाश कराले (60) ‘धनंजय कंस्ट्रक्शन’ के मालिक हैं। वह 1997 से निर्माण व्यवसाय में हैं। पहले उन्होंने टैक्स संबंधी कार्यों के लिए दोनों आरोपियों के पिता ज्ञानेश्वर कदम को नियुक्त किया था। 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद ज्ञानेश्वर कदम के दोनों बेटों (ललित और शशांक) ने यह काम संभाल लिया था। इन दोनों ने बिल्डर से पैसे लेकर धोखाधड़ी की। दोनों आरोपियों ने बिल्डर से जीएसटी और आयकर की राशि अपने व्यक्तिगत बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली। 2018 में जीएसटी रजिस्ट्रेशन के दौरान ललित कदम ने खुद ही आईडी-पासवर्ड बनाया। वह बिल्डर से ओटीपी मांग लेता था। उसने यूजर आईडी और पासवर्ड बिल्डर से कभी साझा नहीं किया। जनवरी 2020 से दिसंबर 2025 के बीच बिल्डर ने कुल 2.25 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए।








