नागपुर :- बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने सिविल लाइंस में पूनम टावर और चापा में पूनम चैंबर्स में अवैध निर्माण को गिराने का आदेश दिया है। इस मामले में चल रही सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने बिल्डर एन कुमार के बार-बार किए जा रहे गलत व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने देखा कि एन कुमार अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और ऐसा नहीं लगता कि वे अवैध निर्माण को गिराना चाहते हैं।
एन कुमार ने पूनम टावर और पूनम चैंबर्स में अवैध निर्माण को गिराने के लिए हाई कोर्ट में अंडरटेकिंग दी है। कोर्ट ने इस मामले में हर हफ्ते रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। पिछली सुनवाई में भी कोर्ट ने तोड़फोड़ को लेकर नाराजगी जताई थी
राज्यसभा नॉमिनेशन रिजेक्ट होने के बाद नवनीत राणा भावुक ने कहा, “संघर्ष करना…”बुधवार को जस्टिस अनिल पानसरे और जस्टिस निवेदिता मेहता की बेंच के सामने मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान एन. कुमार ने जजों से हिंदी में बहस की। “क्या हमें सुसाइड कर लेना चाहिए?”, “आपको सज़ा होगी, हमने दस लाख जमा किए हैं, इसलिए मामला हमें ट्रांसफर कर दो”, “…क्या आप हमें फांसी पर लटका देंगे?” एन. कुमार ने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करके कोर्ट में गलत व्यवहार किया।इस बीच, कोर्ट ने पुलिस को बुलाया और उन्हें एन. कुमार को हटाने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने एन. कुमार की भाषा और व्यवहार की निंदा की और एक लिखित आदेश में इस अभद्र भाषा पर ध्यान दिया।








