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अनेक केंद्र हुए बंद, युद्ध का असर

– सिलेंडरों की कमी से शिव भोजन भी संकट में

 नागपुर :- मध्य पूर्व, अमेरिका और यूरोप में चल रहे युद्ध के कारण गैस सिलेंडरों का भारी संकट पैदा हो गया है और राज्य सरकार की शिव भोजन योजना भी इससे प्रभावित हुई है. सिलेंडर न मिलने के कारण कुछ केंद्रों को बंद करना जरूरी हो गया है. हालांकि, प्रशासन यह कहकर जले पर नमक छिडक़ रहा है कि सब कुछ ठीक है. इन केंद्र संचालकों ने भी अपना गुस्सा जाहिर किया है.

कमाल चौक में एक शिव भोजन केंद्र है. हालांकि, सिलेंडरों की कमी के कारण संचालक को इसे बंद रखना पड़ा. अब मुझे वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी और किसी तरह केंद्र को खुला रखना होगा,ऐसा भोजन केंद्र की संचालक महिला ने बताया. 1० लाख रुपये की धनराशि पहले ही रूकी है. ऐसे में अब यह नया संकट ख्ड़ा हुआ है. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि हम इस नए संकट का सामना कैसे करें. इन केंद्र संचालकों का यह भी कहना है कि बुकिंग के लिए दिया गया एजेंसी नंबर अब सक्रिय नहीं है. जिलाधिकारी द्वारा बताया जा रहा है कि सब ठीक है. हालांकि, उन्हें बुकिंग न होने के बारे में सीधे शिकायतें भी की गई हैं.

ऑटोमोटिव चौक में एक शिव भोजन केंद्र है. यह केंद्र 2०21 से नियमित रूप से खुला है. सिलेंडर न होने के कारण इस केंद्र की संचालिका घर पर ही चूल्हे पर खाना बनाती है. हालांकि, शिव भोजन के लिए वह व्यावसायिक सिलेंडरों का उपयोग कर रती है. लेकिन, उनके वितरक ने अब स्पष्ट रूप से कह दिया है कि आपको केंद्र बंद करना होगा, अब आपको व्यावसायिक सिलेंडर नहीं मिलेंगे. इसके कारण वहां काम करनेवालों की नौकरी खतरे में है और एक बड़ा आर्थिक संकट भी मंडरा रहा है.

जरूरतमंदों को किफायती दामों पर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई शिव भोजन योजना अब कर्ज पर चल रही है. शहर के 164 केंद्रों को पिछले 1० महीनों से कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई है. इसलिए, केंद्र संचालकों को जरूरतमंदों को थाली उपलब्ध कराने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है. खाद्य वितरण कार्यालय ने राज्य सरकार से 1० करोड़ 71 लाख रुपये की मांग की है. हालांकि, यह धनराशि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है. शहर के 164 केंद्रों पर प्रतिदिन लगभग 755 से 1००० थालियां वितरित की जाती हैं. लेकिन अब सिलेंडरों की कमी से परेशानी हो रही है. अनेक शिवभोजन संचालकों ने भी इस बात पर दुख व्यक्त किया कि उनके केंद्र पर आने वाले ग्राहकों को वापस भेजना पड़ रहा है.

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