– बयानबाजी करने से अच्छा वडेट्टीवार सरकार या एसआईटी को दें सबूत : बावनकुले
नागपुर :- राज्य की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है. राज्य के महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि वे मंत्रालय के उच्च पदस्थ अधिकारियों और भोंदू अशोक खरात के कथित संबंधों के ठोस और प्रमाणिक सबूत सामने लाएं. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आरोप लगाना या मीडिया में बयान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यदि आरोप गंभीर हैं तो उन्हें विधिवत रूप से सरकार या जांच एजेंसियों के समक्ष रखा जाना चाहिए.
यह पुरा मामला उस समय तूल पकड़ गया, जब विजय वडेट्टीवार ने यह दावा किया कि राज्य के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के भोंदू अशोक खरात से संबंध रहे हैं. इतना ही नहीं, वह इन अधिकारियों को एक-दूसरे की पत्नियों के साथ संबंध रखने की सलाह भी देता था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह मामला केवल व्यक्तिगत संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रशासनिक मर्यादाओं और नैतिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं. वडेट्टीवार के मुताबिक, इस पुरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच होनी बेहद आवश्यक है, क्योंकि इससे समाज में आक्रोश और चिंता का माहौल बन गया है.
नागपुर में बयान, सियासत में हलचल
नागपुर में पत्रकारों द्वारा इस मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि वे इस प्रकार के आरोपों को हल्के में नहीं लेते, लेकिन बिना सबूत के किसी भी अधिकारी या संस्था को बदनाम करना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि वडेट्टीवार के पास पुख्ता जानकारी है, तो वे तुरंत लिखित शिकायत दर्ज कराएं.
सिर्फ बयानबाजी से कुछ नहीं होगा
बावनकुळे ने तीखे शब्दों में कहा कि केवल मीडिया में बयान देकर या ट्वीट करके‘भोंगा बजाने’ से कोई परिणाम नहीं निकलता. उन्होंने कहा कि यदि वडेट्टीवार वास्तव में इस मामले में सच्चाई उजागर करना चाहते हैं, तो उन्हें संबंधित अधिकारियों के नाम, सबूत और पुरे घटनाक्रम की जानकारी सरकार या जांच एजेंसियों को देनी चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि सरकार इस मामले में पुरी तरह गंभीर है और यदि कोई भी अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण प्रस्तुत किए जाएं.
संवेदनशील मामले में बयानबाजी से बचें
मंत्री ने इस प्रकरण को बेहद संवेदनशील बताते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में सार्वजनिक बयानबाजी से जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. उन्होंने वडेट्टीवार को सलाह दी कि वे मीडिया में अधिक बयान देने के बजाय अपने पास मौजूद जानकारी को गोपनीय तरीके से संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाएं. बावनकुले ने यह भी कहा कि इस तरह के आरोपों से जांच एजेंसियों पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है, जिससे निष्पक्ष जांच में बाधा उत्पन्न हो सकती है.
अधिकारियों और उनके परिवारों पर टिप्पणी अनुचित
चंद्रशेखर बावनकुळे ने वडेट्टीवार के आरोपों की आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी अधिकारी या उसके परिवार के बारे में इस प्रकार की बातें करना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी आघात पहुंचता है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी के साथ बयान देना आवश्यक है, खासकर तब जब मामला प्रशासन और परिवारों से जुड़ा हो. उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि वडेट्टीवार के पास कोई गोपनीय जानकारी है, तो उसे सार्वजनिक मंच पर लाने के बजाय सीधे सरकार को सौंपना चाहिए, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके.
अधिकारियों को खरात एक दूसरे की पत्नियों से संबंध रखने का देता था सलाह – विजय वडेट्टीवार का सनसनीखेज दावा
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने बड़ा सनसनीखेज सनसनीखेज दावा किया है. वडेट्टीवार ने कहा कि, खरात के कई बड़े अधिकारियों से घनिष्ठ संबंध थे, यही नहीं वह सभी अधिकारियों को एक दूसरे की पत्नियों से संबंध बनाने की सलाह भी देता था. कांग्रेस ने इसे बेहद गंभीर बताते हुए राज्य सरकार ने इसकी कड़ी जाँच करने की मांग की है. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने आगे बताया कि अशोक खरात के मोबाइल में कई लोगों के नाम कोडवर्ड में सेव किए गए थे. इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि वह कई लोगों के काले धन को सफेद करने का काम करता था, ऐसा संदेह व्यक्त किया जा रहा है. हालांकि, इन बातों को नजरअंदाज किए बिना इस मामले में शामिल हर व्यक्ति की जांच होनी चाहिए, ऐसा उन्होंने स्पष्ट किया. केवल कुछ लोगों पर कार्रवाई करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिन 49 विधायकों के फोटो खरात के साथ पाए गए हैं, उन सभी की जांच होनी चाहिए।








