यासीन शेख, गोंदिया गोरेगांव :- महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में निजी स्कूलों को शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि लंबे समय से लंबित है। इस मुद्दे को लेकर आरटीई फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रा. आर. डी. कटरे ने शिक्षक विधायक सुधाकरजी अडबाले को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान वैभव आर. कटरे, छाया पी. मेश्राम और आर. बी. कोल्हे भी उपस्थित रहे। ज्ञापन में बताया गया कि आरटीई कानून के तहत 25 प्रतिशत आरक्षण में दाखिल छात्रों की फीस की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा समय पर किया जाना आवश्यक है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से गोंदिया जिले के कई निजी स्कूलों को यह राशि नहीं मिली है। वर्तमान में लगभग 60 करोड़ रुपये की राशि बकाया है।
इस वित्तीय संकट का सीधा असर स्कूलों के दैनिक संचालन पर पड़ रहा है। शिक्षकों के वेतन, स्कूलों के रखरखाव और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों पर गंभीर दबाव बन गया है। स्कूल प्रबंधन के लिए खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
प्रा. कटरे ने कहा कि यदि समय पर यह राशि जारी नहीं की गई, तो आरटीई के तहत पढ़ रहे छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि लंबित प्रतिपूर्ति को जल्द से जल्द जारी किया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
वहीं, शिक्षक विधायक सुधाकर अडबाले ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि वे संबंधित विभाग से चर्चा कर इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस पहल से गोंदिया जिले के स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों में उम्मीद जगी है कि सरकार जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेगी और लंबित राशि का भुगतान किया जाएगा।

