– गोंदिया में क्राइम ब्रांच की दबिश
नागपुर :- क्रिकेट सट्टे और हवाला का अंतरराज्यीय रैकेट चलाते हुए पकड़े गए रैकेट के सूत्रधार बुकी पुलिस का शिकंजा कसते ही दुबई रवाना हो गए हैं. आरोपियों से जुड़े बुकी अंकित की खोजबीन में क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को गोंदिया और भंडारा में दबिश दी. पहले से ही सतर्क होने से अंकित पुलिस के हाथ नहीं लगा है.
क्राइम ब्रांच ने 23 अप्रैल की रात सदर के मंगलवारी स्थित अमर सज्जन ज्जन अपार्टमेंट में छापा मारकर इस रैकेट को पकड़ा था. कार्रवाई के दौरान जबलपुर के बुकी अभय सिंह ठाकुर के साथ स्थानीय हर्षल देवघरे, प्रभात उर्फ भुरु पाठराबे, मोवेश सैयद, अब्दुल अयान खान, हमीर खान और अब्दुल तनवीर को पकड़ा गया था. उनसे पांच मोबाइल और लैपटॉप बरामद किया गया था. उन्होंने एक लैपटॉप, पेन ड्राइव और 37 मोबाइल खिड़की से बाहर फेंक दिए थे. सोमवार को पुलिस ने 37 मोबाइल और लैपटॉप बरामद किए, पेन ड्राइव
नहीं मिल रहा है. उसमें ही रैकेट का कच्चा चिट्ठा है. उसकी बरामदगी के लिए पुलिस ने एड़ी-चोटी का के नाम दर्ज जोर लगाया हुआ है.
इस पेन ड्राइव में अंकित गोंदिया और योगी सहित कई बुकियों के हैं. यह बुकी पड़ोसी राज्य तथा दुबई में बैठकर सट्टेबाजी को संचालित कर रहे हैं. 23 अप्रैल को पुलिस के छापे की भनक लगते ही कई बुकी दुबई रवाना हो गए थे. इस कार्रवाई के पहले तक बुकियों को शहर का माहौल अपने पक्ष में दिखाई दे रहा था. लेकिन दूसरे ही दिन आरोपियों की 29 अप्रैल तक हुई पुलिस हिरासत से बुकियों ने कारोबार समेटने में ही भलाई समझी. गिरफ्तार आरोपी तांडापेठ निवासी हर्षल देवघरे उर्फ बी.के. का नाम हाल में मध्य नागपुर के बड़े बुकियों में शुमार है. गोलीबार चौक के कई छुटभैया नेता उसके संरक्षण पर घर चला रहे हैं. हर्षल गोंदिया-भंडारा के बुकी अंकित गोंदिया के साथ जुड़ा है. अंकित की खोज में क्राइम ब्रांच की टीम ने आज गोंदिया और भंडारा में दबिश दी. उसके घर की तलाशी भी ली. पहले ही फरार हो जाने से अंकित पुलिस के हाथ नहीं लगा.
अंकित ‘अमेजान’ के नाम से से सट्टे की बुक चलाता है. उसका क्रिकेट सट्टेबाजी के साथ हवाला का भी बड़ा रैकेट है. इस रैकेट की सच्चाई अबतक सामने नहीं आई है. इस रैकेट से चर्चित सोंटू भी जुड़ा है. उसने कुख्यात बुकी भावेश के माध्यम से पुलिस को भरोसे में लिया था. भावेश की वजह वजह से से बीते दिनों पुलिस को एक बड़ी मुसीबत का सामना भी करना पड़ा था. वह सदर की चर्चित चाय की टपरी से रैकेट चलाता है. हाल में नागपुर के बुकियों को गौरव तकनीकी मदद कर रहा है. वीसीए के पास एक अपार्टमेंट के निवासी गौरव काफी समय से क्रिकेट सट्टेबाजी से जुड़ा है, उसकी ठगी के शिकार एक व्यापारी दर्ज कराने भी पहुंचा था.

