– कहा- नियम शर्तो से बढ़ेगी परेशानी
पुणे :- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने राज्य में किसानों की कर्जमाफी, चक्रवाती बारिश से फसलों को हुए भारी नुकसान और इंडिया गठबंधन की आगामी रणनीति जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी का रुख साफ किया। पवार ने राज्य सरकार की कर्जमाफी योजना के कड़े मानदंडों पर गंभीर सवाल उठाए और सरकार को सलाह दी कि वह किसानों से सीधे संवाद कर नियमों में जरूरी सुधार करे। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि दिल्ली में होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक में उनकी पार्टी की ओर से सुप्रिया सुले शामिल होंगी।
दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर शरद पवार ने कहा कि यह बैठक देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करने के लिए बुलाई गई है। उन्होंने इसे कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेने वाली बैठक न बताकर एक “जनरल रिव्यू मीटिंग” (समीक्षा बैठक) करार दिया। माना जा रहा है कि इस बैठक में गठबंधन के सभी दलों को एक साथ मिलकर चलने और किसी भी तरह का कड़ा या चरम रुख न अपनाने का संदेश दिया जा सकता है।
पवार ने आगे कहा, “चूंकि फिलहाल लोकसभा या विधानसभा चुनाव तुरंत नहीं होने हैं, इसलिए विपक्षी दलों के पास अपने संगठन को मजबूत करने और आपस में तालमेल बेहतर करने के लिए पर्याप्त समय है। विरोधियों को अपने मतभेद भुलाकर एक साथ काम करना चाहिए।” हाल के दिनों में इंडिया गठबंधन के कुछ दलों के बीच अंदरूनी मतभेदों की खबरों को देखते हुए शरद पवार का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित किसान कर्जमाफी योजना को लेकर कई किसान संगठनों ने नाराजगी जताई है। आलोचना हो रही है कि सरकार द्वारा लगाए गए कड़े नियमों और पात्रता शर्तों के कारण बड़ी संख्या में जरूरतमंद किसान इस योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगे।
इस मुद्दे पर बोलते हुए शरद पवार ने कहा कि किसानों की इन शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि सरकार का यह फैसला पूरी तरह गलत है, ऐसा कहना ठीक नहीं होगा; लेकिन इसमें कुछ व्यावहारिक दिक्कतें जरूर हैं। इसलिए इस योजना को सीधे खारिज करने के बजाय इसकी कमियों को दूर करने का प्रयास होना चाहिए। पवार ने लोकतंत्र की दुहाई देते हुए कहा, “लोकतंत्र में सरकार को जनता से संवाद करना चाहिए और उनकी समस्याओं को समझते हुए अपने फैसलों में जरूरी बदलाव करने की तत्परता दिखानी चाहिए।”
मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेताओं से करेंगे चर्चा
शरद पवार ने इस मामले में खुद पहल करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और देश के अन्य वरिष्ठ नेताओं से इस विषय पर बातचीत करेंगे, ताकि कर्जमाफी के नियमों में जरूरी सुधार किया जा सके। राज्य के किसान संगठनों में बढ़ते असंतोष के बीच पवार का यह रुख सरकार पर दबाव बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
केला और गन्ना उत्पादकों को भारी चपत
पिछले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई है। विशेष रूप से उत्तर महाराष्ट्र में केला और गन्ना उत्पादक किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। पवार ने बताया कि उनके पास नुकसान की प्राथमिक रिपोर्ट आ चुकी है, जिसमें केला और गन्ने की फसलों की बर्बादी का विशेष जिक्र है। स्थिति का जमीनी जायजा लेने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम भेजी गई थी, जिसकी रिपोर्ट मिलने के बाद अब आगे की रणनीति तय की जाएगी।








