– ठगे गए लोगों की संख्या बढ़ सकती है
नागपुर :- सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसमें पुणे के एक ठग ने वन विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी का रूप धारण कर शहर के 19 लोगों से महत्वपूर्ण ठेके दिलाने का वादा करके 95 लाख रुपये की ठगी की। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के अनुसार, आशंका है कि इस मामले में ठगे गए लोगों की संख्या बढ़ सकती है। नांदा निवासी अंगद गुलाब खैरे (39) बाबूराव यादव के मित्र थे। यादव मिहान में डी. वाई. पाटिल क्रिकेट क्लब चलाते हैं। मित्रता के कारण खैरे यादव से मिलने मिहान जाया करते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात पुणे के चिंचवड स्थित चिखली प्राधिकरण के विवेक श्याम कांबले (29) से हुई। कांबले ने खुद को वन विभाग का उच्च पदस्थ अधिकारी बताया। कांबले ने खैरे को वन विभाग में एक महत्वपूर्ण कार्य अनुबंध दिलवाने का आश्वासन दिया। इसके लिए कांबले ने उन्हें एक फर्जी पहचान पत्र भी दिखाया। इसी कारण खैरे ने कांबले पर भरोसा कर लिया। इसी बीच, कांबले ने खैरे को एक कंपनी बनाने और वन विभाग से ठेका प्राप्त करने के लिए जीएसटी पंजीकरण संख्या लेने की सलाह दी।
तदनुसार, खैरे ने ‘दक्षिता एंटरप्राइजेज’ नाम से एक कंपनी शुरू की। इसके बाद, कांबले ने खैरे को ‘साई एंटरप्राइजेज’ के माध्यम से केबल खरीदने और उसे दूसरी कंपनी को आपूर्ति करने के लिए कहा और उनसे विभिन्न खातों में पैसे भेजने को कहा। कांबले की सलाह पर, खैरे ने विभिन्न खातों में कुल 6 लाख 44 हजार रुपये जमा किए। रकम चुकाने के बाद खैरे ने बार-बार ठेका देने की मांग की, लेकिन कांबले हर बार टालमटोल करता रहा। कुछ दिनों तक उसने खैरे के मोबाइल फोन का जवाब भी नहीं दिया। पूछताछ के बाद खैरे को पता चला कि कांबले वन विभाग में काम नहीं करता था। खुलासा हुआ कि कांबले ने इसी तरह मेट्रो और वन विभागों में ठेकों और नौकरियों का लालच देकर दूसरों से भी लाखों रुपये ऐंठ लिए थे।
खैरे की शिकायत पर सोनेगांव पुलिस द्वारा जांच करने पर प्रारंभिक जांच में पता चला कि कांबले ने 1 अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच 19 लोगों से 92 लाख 44 हजार रुपये की धोखाधड़ी की थी। इसके क बाद पुलिस ने आरोपी विवेक कांबलेप्र के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी। हालांकि, आशंका है कि धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों की संख्या बढ़ सकती है और आर्थिक अपराध शाखा ने नागरिकों से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 319(2), 318(4), 336(2), 336(3), 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।
आरोपी विवेक कांबले पहले दूसरे के खाते में रूपये ट्रांसफर करवाता फिर अपने खाते में लेकर रफूचक्कर हो जाता था। जब फिर्यादी साई एंटरप्राइजेज के मालिक नागेश उत्तेकर से मिले तो उन्होंने बताया कि रकम आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दी गई है। आरोप है कि आरोपी ने नागेश उत्तेकर और उनके दोस्त आकाश हजारे को मेट्रो अधिकारी होने का झांसा देकर टेंडर दिलवाने के बहाने क पैसे ले लिए। आरोपी ने शिकायतकर्ता के दोस्त बाबूराव यादव को भी उसके रिश्तेदार को नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगा।







