– परचम हाथों में संभाले रखा दीन का, रुतबा वलियों में निराला ताजुद्दीन का’
– बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट ने दिया अमन का पैगाम
– देश की सलामती के लिए हुई विशेष दुआ
नागपुर :- ‘परचम हाथों में संभाले रखा दीन का, रुतबा वलियों में निराला ताजुद्दीन का’ सूफियाना गीतों की धुन पर अकीदत के साथ झूमते हुए हुजूर ताजुल औलिया बाबा सैयद मोहम्मद ताजुद्दीन (र.अ.) के शाही संदल में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा. बाबा ताजुद्दीन के 104वें सालाना उर्स का शाही दरबारी संदल रविवार को हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट की जानिब से शानो शौकत के साथ निकाला गया. सुबह तड़के से ही संदल में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का हुजूम ताजबाग पहुंचने लगा. बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स बड़े उत्साह से ताजबाग शरीफ में मनाया जा रहा है. देश के विभिन्न राज्यों से जायरीन यहां अकीदत के साथ पहुंच रहे है.
इस वर्ष भी हज़रत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट की ओर से बाबा ताजुद्दीन का शाही दरबारी संदल निकाला गया. संदल में शामिल श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए ट्रस्ट ने ताजबाग़ में सभी सुविधाएँ की है. पुलिस का कड़ा बंदोबस्त किया गया है. मनपा और जिला प्रशासन ने आवश्यक सुविधाएँ की है. 

शाही दरबारी संदल की शुरुआत से पहले हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट कार्यालय में बाबा ताजुद्दीन (र.अ.) की दरगाह के सज्जादानशीन सैय्यद युसुफ इक़बाल ताज़ी की सरपरस्ती में कार्यक्रम हुआ. इस दौरान दस्तारबंदी की गई. बाबा ताजुद्दीन की शान में सूफी महफ़िल में कव्वाली हुई. इस दौरान हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट के चेयरमैन प्यारे जिया ख़ान, सचिव ताज अहमद राजा, उपाध्यक्ष डॉ सुरेंद्र जिचकार, ट्रस्टी हाजी फ़ारूक बावला, हाजी इमरान खान ताजी, गजेंद्रपाल सिंह लोहिया, मुस्तफा टोपीवाला साहित सज्जादानशीन सैयद जरबीर ताज़ी, बाबा ताजुद्दीन दरगाह खुद्दाम कमेटी के अध्यक्ष सैयद मोबीन ताज़ी उपस्थित थे.
दस्तारबंदी के बाद बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट के चेयरमैन प्यारे जिया ख़ान ने पवित्र चादर और संदल को अपने सिर पर रखकर संदल में शामिल हुए. उनके साथ सचिव ताज अहमद राजा ने भी सिर पर संदल रखकर परंपरागत रस्म पूरी की. इस दौरान श्रद्धालुओं ने मंजीरों की धुन पर शाही संदल में ज़िक्र कर बाबा ताजुद्दीन की शान में सूफियाना कलाम पढ़ें. इसी के साथ शाही दरबारी संदल ट्रस्ट कार्यालय से निकला.
ट्रस्ट की जानिब से चढ़ाई गई चादर
विभिन्न मार्गों से होते हुए बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह का शाही संदल वापस ताजबाग पहुंचा. ट्रस्ट की ओर से बाबा की मज़ार पर संदल अर्पित कर चादर चढ़ाई गई. इसके बाद बाबा की मजार के पास देश की सलामती के लिए विशेष दुआ मांगी गई. हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट ने इस अवसर पर सभी देशवासियों को बाबा के सालाना उर्स की मुबारकबाद देते हुए अमन और शांति का पैगाम दिया. 

श्रद्धालुओं ने चादर को चूमकर प्रकट की आस्था
शाही संदल में शामिल चादर और संदल को चूमने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा. हर धर्म समुदाय के लोगों ने बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह की चादर को चूम कर अपनी आस्था प्रकट की. इस दौरान देश की गंगाजमुनी तहजीब की तस्वीर भी देखने को मिली. सभी लोगों में बाबा के प्रति श्रद्धा का भाव देखते ही बन रहा था.
हर रोज 5 हजार को लंगर वितरित
बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह के सालाना उर्स पर रोजाना 5 हजार लोगो के लिए लंगर वितरण की व्यवस्था ट्रस्ट की तरफ से की गई है. शाही संदल के अवसर पर शाम में मगरिब की नमाज़ के बाद श्रद्धालुओं को लंगर वितरित किया गया. साथ ही रात में कव्वाली, मिलाद शरीफ व विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए.
आज छोटा कुल शरीफ की फातेहा
सोमवार 13 जुलाई को सुबह 9 बजे बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह में छोटा कुल शरीफ की फातेहा होगी. इसमें बड़ी संख्या में जायरीन शामिल होंगे. इसके बाद रात 10 बजे मिलाद शरीफ, ऑल इंडिया नातिया मुशायरा और शानदार कव्वाली का कार्यक्रम आयोजित होगा. हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट ने सभी अकीदतमंदों से इसमें शामिल होने का आह्वान किया है.








