– नागपुर टीम की पश्चिम बंगाल में छापेमारी, एस.जे. एंटरप्राइजेज और रेलवे अधिकारी रडार पर
नागपुर :- विदर्भ के प्रमुख कोयला परिवहन मार्ग डुमरी खुर्द रेलवे साइडिंग पर 1,427 मीट्रिक टन कोयले के कथित घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद सीबीआई की नागपुर टीम ने पश्चिम बंगाल स्थित एस.जे. इंटरप्राइजेज के ठिकानों तथा रेलवे अधिकारियों के आवासों पर छापेमारी शुरू की।
सीबीआई अधिकारियों ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि कंपनी के परिसरों में तलाशी जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कंपनी ने उच्च गुणवत्ता वाले कोयले को ‘रिजेक्ट’ या ‘वेस्ट कोल’ बताकर खुले बाजार में बेचने का कथित प्रयास किया। मामले की जांच के दौरान लिए गए कोयले के नमूनों की जांच केंद्रीय खान एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान से कराई गई। रिपोर्ट मिलने के बाद सीबीआई ने आगे की कार्रवाई शुरू की।

जी-12 ग्रेड का निकला कोयला
गोपनीय सूचना के आधार पर सीबीआई ने 21 मई को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के सतर्कता विभाग के साथ संयुक्त जांच की थी। इस दौरान रेलवे परिसर से 1,427 मीट्रिक टन कोयला बरामद हुआ। जांच रिपोर्ट में इस कोयले को जी-12 ग्रेड का प्रमाणित किया गया।
जांच में पता चला कि सितंबर 2025 में एस.जे. इंटरप्राइजेज को डुमरी खुर्द और तिरोड़ी रेलवे स्टेशनों पर बॉक्स वैगनों और ट्रैक की सफाई का 10 वर्ष का ठेका दिया गया था। आरोप है कि कंपनी ने इस ठेके की शर्तों का दुरुपयोग करते हुए डब्ल्यूसीएल साइडिंग क्षेत्र से कोयला एकत्र कर उसकी कथित हेराफेरी की।
720 मीट्रिक टन कोयला ‘रिजेक्ट’ बताकर बेचा
सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, रेलवे के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से 21 और 24 मार्च को 18 गेट पास जारी किए गए। इनके आधार पर कंपनी ने 720 मीट्रिक टन जी-12 ग्रेड कोयले को ‘रिजेक्ट मटेरियल’ दिखाकर बाहर निकाला और बेच दिया। जांच एजेंसी के अनुसार, इससे कंपनी को करीब 28.80 लाख रुपये का आर्थिक लाभ हुआ, जबकि डब्ल्यूसीएल को समान राशि का नुकसान पहुंचा।
सीबीआई उपाधीक्षक को सौंपी गई जांच
मामले में सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एस.जे. एंटरप्राइजेज के संचालक अमित मैती, कुछ सार्वजनिक सेवकों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई के उपाधीक्षक नीरज कुमार गुप्ता को सौंपी गई है।








