– खिलाड़ियों और नागरिकों को मिलेंगी विश्व स्तरीय सुविधाएं
नागपुर :- नागपुर महानगरपालिका शहर के 200 खेल मैदानों का चरणबद्ध तरीके से सर्वांगीण विकास करेगी। खिलाड़ियों और नागरिकों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त खेल मैदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महापौर नीता ठाकरे की अध्यक्षता में डॉ. पंजाबराव देशमुख स्मृति स्थायी समिति सभागार में विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में महापौर ने कहा कि शहर के खेल मैदानों का विकास संबंधित खेल संघों के सुझावों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के अनुसार किया जाएगा। प्रत्येक मैदान की उपलब्ध भूमि, क्षमता और संबंधित जोन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वहां उपयुक्त खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने खेल संघों से विस्तृत सुझाव प्रस्तुत करने की अपील भी की। बैठक में स्थायी समिति अध्यक्ष शिवानी दाणी-वखरे, सत्ता पक्ष नेता एवं विशेष समिति अध्यक्ष नरेंद्र (बाल्या) बोरकर, मनपा आयुक्त डॉ. विपिन, पूर्व विधायक संदीप जोशी, क्रीड़ा विशेष समिति अध्यक्ष दर्शनी धवड, पार्षदों सहित मनपा के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में खेल मैदानों के विकास की योजना, बजट, विभिन्न खेलों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। महापौर ने कहा कि बच्चों और युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इनडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के खेलों के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाएगी।
स्पष्ट खेल नीति तैयार करे मनपा : जोशी
पूर्व विधायक संदीप जोशी ने खेल मैदानों के विकास के साथ-साथ मनपा की स्पष्ट खेल नीति तैयार करने का सुझाव दिया। वहीं, सत्ता पक्ष नेता नरेंद्र बोरकर ने कहा कि खेल मैदानों के विकास से जुड़े सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाएंगे। मनपा आयुक्त डॉ. विपिन ने बताया कि मैदानों को बहुउद्देशीय स्वरूप में विकसित करने की योजना है, ताकि एक ही परिसर में कई खेलों का आयोजन किया जा सके।
खेल संघों के प्रतिनिधियों ने दिए सुझाव
योजना के तहत कुश्ती, बास्केटबॉल, ताइक्वांडो, एथलेटिक्स, आर्चरी, साइक्लिंग, पिकलबॉल, बैडमिंटन, कबड्डी, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल, तैराकी, बॉक्सिंग और आट्यापाट्या सहित विभिन्न खेलों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बैठक में खेल संघों के प्रतिनिधियों ने मैदानों में उच्च गुणवत्ता की प्रकाश व्यवस्था, दर्शकों के लिए बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, चेंजिंग रूम, पार्किंग, सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल स्क्रीन तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। साथ ही एक ही मैदान में तीन से चार खेलों के आयोजन योग्य बहुउद्देशीय खेल परिसर विकसित करने पर भी जोर दिया गया।








